Friday, 17 March 2017

Eros Group Present Sampoornam 2 and 3 BHK Residential Apartment in Greater Noida West

EROS GROUP, a Company which needs no introduction “The Recognized Real Estate Giant in India” with special strength in and around Delhi, exuberant quality and excellence with over 70 years of expertise and experience. It has created some of the most pioneering episodes of Real Estate Promotion and Town Planning for a period of over 70 impressive years. With transaction of properties worth Rs.13000 ($211) in 1940s, currently the Group has projects worth over 7000 Crores ($1.13 billion) in the pipeline. From a very modest beginning to the accomplishments of numerous projects in varied Sectors, the Group has left an indelible mark in the Real Estate Industry, Hospitality and Technology.



The different projects under the Crown of the Eros Group are the renowned Townships like Charmwood Village, Eros Garden and the Lakewood City at the Southern fringe of Delhi and the Rosewood City in Gurgaon Sohna Road, Gurgaon Landmark Theatres like VISHAL CINEPLEX at Rajouri Garden(with maximum seating capacity) and the EROS ONE at Jangpura in New Delhi. Business Centers like the International Trade Tower, American Plaza, Eros Corporate Tower with 7 level parking in Nehru Place, New Delhi, Eros Corporate Park at IMT-Manesar, Gurgaon, Eros City Square and Eros Business Centre in Rosewood City, Gurgaon, Eros EF3 Mall at Delhi-Mathura Road, Faridabad and Charmwood Plaza in Faridabad, Eros Metro Mall, Sec-14, Dwarka, New Delhi and Eros Market Place in Indirapuram, Ghaziabad are at par with the Best in the World.

Prestigious Hospitality ventures like - Eros Hotel at Nehru Place, Shangri-la’s Eros at Ashoka Road, Connaught Place, Double Tree and Hilton at Mayur Vihar, and Eros Radisson Blu Hotel at Delhi-Mathura Road at Faridabad are an absolute spectacle of immaculate architecture. The RJS International School now known as Manav Rachna School is present in Charmwood Village (Eros Garden) in Faridabad.

 Project USP

1. 4 side open plot leading to great views and a spacious environment.
2. A large swimming pool to keep you cool during the summer.
3. Yoga and meditation center with professional trainers to help you stay fit.
4. Badminton, tennis, basketball, skating area and putting greens for sports      enthusiasts.
5. Exclusive club with a gym.
6. Ample parking space for residents and guests.







































Price List












Surroundings of Project:-

  • Proposed Metro Station at front side of the Project. 
  • Direct connectivity to Noida and Delhi
  • Direct connectivity to Yamuna Expressway
  • 4 side open plot (CORNER PLOT)
  • 130 meter main road facing
  • Commercial benefits in project
  • Schools at walking distance
  • Golf Course at 5 km
  • IT hub at walking distance
  • 5 star hotel at 4 km



एक्सिस बैंक से कम ब्याज दरो पर मिलेगा होम लोन



एक्सिस बैंक ने होमलोन बाजार में नई चुनौती स्कीम पेश की है। एक्सिस बैंक ने होमलोन ग्राहकों के लिए एक लुभावनी स्कीम निकाली है। इस स्कीम का नाम ‘हैप्पी एंडिंग होम लोन’ स्कीम है।

इस स्कीम के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का होम लोन 20 साल या इससे ज्यादा अवधि का है और उस व्यक्ति ने 15 साल तक समय पर ईएमआई चुकाई है तो उस व्यक्ति को अंतिम साल का होम लोन नहीं चुकाना पड़ेगा यानी 12 ईएमआई के पेमेंट से छूट मिल जाएगी।

Regrob द्वारा एक्सिस बैंक जाओ,  और आसानी से काम ईएमआई तथा कम ब्याज दर पर ‘होम लोन’ पाओ एक्सिस बैंक ने होम लोन ग्राहकों के लिए एक लुभावनी स्कीम निकाली है। इस स्कीम का नाम ‘हैप्पी एंडिंग होम लोन’ रक्खा गया है।

एक्सिस बैंक की ये रोचक स्कीम दरअसल ग्राहकों को लोन लाभ पहुचाने के लिए है, जिससे सभी का अपना खुद का घर हो। और एक वजह ओर भी है, प्री पेमेंट चार्ज खत्म होने के बाद लोग आसानी से सबसे कम ब्याज दर की तलाश में एक बैंक से दूसरे बैंक में जा सकते है। लोग अगर अपना लोन समय से पहले चुका दें तो उन्हें इस स्कीम का फायदा नहीं होगा। 15 साल तक ईएमआई चुकाने के बाद ही कोई ग्राहक इस स्कीम के लिए क्वालिफाई कर सकेगा।

जो ग्राहक कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और सही समय पर अपनी ईएमआई भरते हैं उन्हें कुछ फायदा देन के लिए ये स्कीम चलाई गई है। इस तरीके से बैंक के ग्राहक ओर बैंकों में नहीं जाएंगे।

बैंको की तुलना में एक्सिस बैंक का होमलोन 0.5 फीसदी महंगा है। 15 साल तक हर ईएमआई पर 0.5 फीसदी ज्यादा रकम देने से बेहतर है कि ग्राहक दूसरे बैंकों से होमलोन ले।
अन्ये बैंको से लोन लेने के लिए भी आप Regrob से संपर्क करे, हम आपका लोन कम ब्याज दर तथा कम ईएमआई पर करा कर देगे, इससे आपके धन और समय की बहुत बचत होगी।   



एक्सिस बैंक की तरफ से होम लोन की नई स्कीम



निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने खुद का बिज़निस करने वाले लोगों के लिए एम्पावर होम लोन के नाम से एक होम लोन स्कीम की योजना शुरू की है।

इस योजना का लाभ केवल ऐसे पेशेवर और गैर पेशेवर लोग उठा सकते हैं, जिनका अपना बिज़निस है। और वो अपना घर बनाना या खरीदना चाहते है।

कर्ज की सीमा प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शहरों के लिए एक करोड़ रुपये तथा अन्य शहरों व गांवों के लिए 50 लाख रुपये तय की गई है। योजना के तहत न्यूनतम कर्ज की राशि 10 लाख रुपये रखी गई है।

इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग अधिकतम 15 वर्ष की अवधि के लिए कर्ज ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए कर्ज की परिपक्वता अवधि के समय कर्ज लेने वाले की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इस योजना के तहत कर्ज केवल अपना मकान बनाने, पुराना मकान खरीदने, जमीन खरीदने या फिर पहले से बने मकान के विस्तार के लिए ही दिए जाने की व्यवस्था की गयी है।

नोटबंदी से होम लोन लेने वालो को हुए लाभ


नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा होम लोन चुकाने वालों को हो सकता है। जल्द ही होम लोन चुकाने वालो की ईएमआई में बड़ी कटौती हो सकती है। निजी सेक्टर में एक्सिस बैंक ने इस बात के संकेत भी दिए हैं। बैंक अधिकारियों के मुताबिक मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी किए जाने के बाद बैंकों के कैश में बड़ा इजाफा हुआ है। इसके चलते आने वाले महीनों में लोन की ब्याज दरों में कमी की उम्मीद है।

एक्सिस बैंक ने कहा कि 500 और 1000 के नोट के रूप में जो लोग नकदी जमा कर रहे हैं, उससे सभी बैंकों की वित्तीय स्थिति में बहुत सुधार हुआ है, जिसके चलते अब बैंकों में सस्ती दरों पर होम लोन देने की होड़ मच सकती है और होम लोन की ब्याज दरें भी कम हो सकती है। ऐक्सिस बैंक के रिटेल बैंकिंग हेड ने बताया कि एक समय में सेविंग और चालू खातों में बहुत कम राशि जमा थी, लेकिन अब इनमें बढ़ोतरी के चलते हमारे लोन की कीमतें सस्ती हो सकती हैं। ऐक्सिस बैंक की ओर से मिले संकेत को उन लोगों के लिए खास माना जा रहा है, जो हजारों रुपए की ईएमआई हर महीने भुगतान कर रहे हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में बैंकों में 60,000 करोड़ से भी ज्यादा रुपए जमा हो चूका है। समय के साथ इस राशि में लगातार बड़ा इजाफा हुआ है। डोमेस्टिक रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने जमा के ब्याज में 0.3 से लेकर 0.10 फीसदी तक की कमी का अनुमान जताया है। जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज में कटौती को बैंक लोन के ब्याज में कमी करते हुए लोगों को फायदा पहुंचाने पर विचार किया हैं।

निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.15-0.20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जो लागू हो हो गयी है। बैंक ने एक साल के लोन पर एमसीएलआर को 15 बेसिस प्वाइंट यानी 0.15 फीसदी कम कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर, दो और तीन साल के लोन के लिए 20 बेसिस प्वाइंट यानी 0.20 फीसदी की कटौती कर दी है। एक्सिस बैंक की तरफ से यह फैसला नोटबंदी के बाद लिया गया है, क्योंकि नोटबंदी के बाद से बैंकों में काफी पैसा जमा हो गया है। तथा बैंक चाहती है कि इस पैसे का लाभ पब्लिक तक भी पहुचे।

अब एमसीएलआर का नया रेट क्या हैं


इस कटौती के बाद अब नया एमसीएलआर रेट एक महीने के लिए 8.70 प्रतिशत, 3 महीनों के लिए 8.90 प्रतिशत और 6 महीनों के लिए 9 प्रतिशत होगा। वहीं दूसरी ओर एक साल के लिए एमसीएलआर रेट 9.05 प्रतिशत, दो साल के लिए 9.10 प्रतिशत और तीन साल के लिए 9.15 प्रतिशत होगा। एक्सिस बैंक ने कहा है कि नए होम लोन पर यह रेट 18 नवंबर से लागू हो गए है।

एमसीएलआर क्या है


एमसीएलआर का मतलब है मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट। यह रेट होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और अन्य लोन पर तय न्यूनतम ब्याज दर होती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2016 से की है। इसे इसलिए लागू किया गया था, ताकि ग्राहकों को फायदा पहुंचाया जा सके। इसके लागू होने के बाद से जैसे ही भारतीय रिजर्व बैंक दरों में कटौती करता है, उसके साथ ही सभी बैंकों को भी अपनी ब्याज दरों में कटौती करनी होती है। जिससे ग्राहकों को बहुत लाभ होता है।

प्रतिद्वंद्वी बैंक कर चुके हैं कटौती


एक्सिस बैंक ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब एक्सिस बैंक के प्रतिद्वंद्वी बैंक जैसे:-  एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक पहले ही एमसीएलआर में 15 बेसिस प्वाइंट यानी 0.15 फीसदी की कटौती कर चुके हैं।



अधिक जानकारी के लिए संपर्क करेफोन नंबर - +91-9529331331अथवा मेल करे –info@regrob.com 





Saturday, 11 March 2017

घर या कोई प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जाने होम लोन के फायदे और कायदे



आज के दोर में भारत वर्ष में अफोर्डेबल हाउसिंग की जरूरत दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। हर किसी का सपना होता है कि आपका भी अपना आशियाना हो और उसमें अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें। आपके इस सपने को पूरा करने में बैंक आपका सबसे बड़ा साथी होता है जो आपकी घर की जरुरत को पूरा करता है। घर खरीदने के सपने के लिए बैंक हमेसा आपके साथ होता है जो लोन के रूप में आपकी आर्थिक सहायता करता है।

यदि आप किसी भी तरह की कमर्शियल या रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं तो आपको होम लोन से जुड़े फायदे और कायदे के बारे में भी पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है। होम लोन के फायदे जानकर आप अपने सपनों का घर आसानी से खरीद सकते हैं इसके साथ-साथ आपको सब्सिडी और कम ईएमआई जैसे ऑफर्स भी मिलते है।

होम लोन:- 

आपको बात दें कि लोन की ईएमआई के दो भाग होते हैं- मूलधन (प्रिंसिपल) और ब्याज (इंटरेस्ट)। आप लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट और ब्याज के भुगतान पर टैक्स डिडक्शन की मांग कर सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के धारा 80 सी के तहत प्रिंसिपल रिपेमेंट पर और धारा 24 बी के तहत ब्याज रिपेमेंट राशि पर टैक्स कटौती क्लेम भी कर सकते हैं। यदि आपने होम लोन घर खरीदने के उदेश्य से लिया है तो ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा घर के पजेशन मिलने पर निर्भर करती है। अगर लोन सेल्फ-ऑक्यूपाइड हाउस के लिए लिया है तो इसके लिए दो लाख रुपए तक की लिमिट तय है। घर किराए पर देने की स्थिति में ब्याज पर टैक्स कटौती क्लेम के लिए कोई लिमिट नहीं है। एक बात का ध्यान रखें कि टैक्स बेनेफिट प्रॉपर्टी के पूरे होने पर ही क्लेम किया जा सकता है। निर्माणाधीन प्रॉपर्टी या अंडर डेवेलप्मेंट प्रॉपर्टी खरीदने पर तब तक डिडक्शन की मांग नहीं की जा सकती जब तक की प्रॉपर्टी पूर्ण रूप से निर्मित नहीं होती और आपको उसका पजेशन नहीं मिलता।


किन किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:-


होम लोन की किसी भी ईएमआई देने से चूकने पर भुगतान किए गए ब्याज पर टैक्स बेनेफिट्स क्लेम किया जा सकता है। किसी भी वित्तीय वर्ष में यदि आप कुछ ईएमआई भरने से चूक जाते हैं तो पूरे साल के लिए उस ईएमआई पर भुगतान किए गए ब्याज पर टैक्स में छूट पा सकते हैं।

1. आपको बता दें कि अधिकांश टैक्सपेयर्स को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि लोन से संबंधित चार्जेस भी टैक्स छूट के दायरे में आते हैं। कानून के तहत इन चार्जेस को ब्याज की तरह माना जाता है, जिस वजह से इस पर छूट का दावा किया जा सकता है।

2. यदि 5 वर्ष से पहले घर बेच दिया जाता हैं तो मूलधन पर टैक्स बेनेफिट्स की पॉलिसी उलट जाती है। होम लोन लेकर घर खरीदना, निर्माण करना या फिर 5 वर्ष से पूर्व घर बेच देते हैं तो सभी बेनेफिट्स खत्म हो जाते हैं।

3. अगर घर निर्माण करने या फिर खरीदने के लिए बैंक के अलावा अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से लोन लिया है तो लोन पर ब्याज अदायगी के समय धारा 24 के तहत टैक्स छूट की मांग की जा सकती है।

4. प्रॉपर्टी का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर होम लोन बेनेफिट्स पर क्लेम किया जा सकता है। अगर निर्माण के वक्त या पजेशन पाने से पहले ईएमआई भरी हैं तो प्रिंसिपल रिपेमेंट पर क्लेम नहीं कर सकते, लेकिन इस दौरान भुगतान किए गए ब्याज पर क्लेम कर सकते हैं और यह आगे एडजस्ट हो सकता है।

5. अगर आप को-बॉरोअर हैं तो आप टैक्स में छूट हासिल नहीं कर सकते। यदि घर आपके माता-पिता ने खरीदा है और होम लोन की ईएमआई आप भरते हैं तो भी आप टैक्स में छूट के हकदार नहीं हैं। अगर आप अपनी पत्नी के साथ घर खरीदते हैं, मगर आपका नाम लोन बुक में को-बॉरोअर के तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है, तो आप टैक्स में छूट क्लेम नहीं कर सकते हैं।


आपको अच्छा फाइनेंसर चुनना चाहिए:-



यदि आप घर या किसी भी प्रकार की कोई प्रॉपर्टी लेने की सोच रहे हैं तो आपको सबसे पहले एक अच्छा फाइनेंसर का चुनाव करना चाहिए। जो आपके होम लोन की कम ब्याज दर और कम ईएमआई पर डील करा सके। आपको उसके साथ लगातार अपना कांटेक्ट रखना होगा और उस कंपनी की कस्टमर पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करनी होगी। टर्म और कंडीशन की जानकारी के लिए आप अपने बैंक के फाइनेंसर और जो लोग लोन ले चुके हैं उनसे संपर्क करके एकत्रित कर सकते हैं। कंपनी का पुराना रिकॉर्ड भी चेक करना चाहिए कि उसने ब्याज दरों में कमी का कितना फायदा अपने ग्राहकों को दिया है और कही वह कंपनी ब्याज दरें सबसे पहले बढ़ाने वालों में से तो नहीं है।

ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करना चाहिए:-


आप जब भी होम लोन लेने की सोच रहें हैं तो आपके पास डाउन पेमेंट करने के लिए कुछ रकम होनी चाहिए। आप जितना ज्यादा डाउन पेमेंट करेंगे आपको उतने ही कम होम लोन की जरुरत होगी। कम रकम का होम लोन लेने के बहुत फायदे है जैसे कि कम लोन लेने से आपको ईएमआई भी कम देनी पड़ेगी जिससे आपके लोन की किस्त भी जल्दी ख़त्म हो जाएगी और पैसों की भी बचत होगी।


अच्छी स्कीम का चुनाव करें:-


फ्लोटिंग ब्याज दर के मुकाबले में फिक्सड ब्याज दर का लोन ज्यादा मेहगा पड़ता है। लेकिन फ्लोटिंग ब्याज दर के मामले में ब्याज दरों का पूर्वानुमान नहीं लगा सकते। इसके लिए हाइब्रिड लोन दोनों के बीच एक कड़ी का काम करती है। इसमें लोन की कुछ रकम फिक्स्ड और कुछ फ्लोटिंग रेट से दी जाती है।

 
होम लोन की पेमेंट ड्यूरेशन (समय) बढ़ने का फायदा:-


यदि आपकी उम्र कम है और आप अच्छी जॉब कर रहें हैं तो आपको लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। आपको प्री-पेमेंट और ज्यादा ईएमआई देने की जरुरत नहीं होती है। बैंक आपके व्यवहार और लेन-देन को ध्यान में रखते हुए लोन चुकाने की अवधि बढ़ा देते हैं इससे आप पर होम लोन चुकाने का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।

 होम लोन का प्री-पेमेंट करना अच्छा विकल्प:-


कभी-कभी आपका पैसा कुछ कारणों से कहीं अटक जाता है या कुछ दिनों बाद मिलने वाला होता है जिसका आप घर खरीदने तक इन्तजार नहीं कर सकते। यदि आपको लोन लेने के दो-तीन माह बाद कोई बड़ी रकम मिलने वाली है तो आप बेझिझक लोन ले सकते हैं। लेकिन इस पैसों को आप अपने लोन के ईएमआई के रूप में चुकाने के बदले प्री-पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प होगा। कई लोग ज्यादा ईएमआई देने को तैयार हो जाते हैं जिससे उन्हें ब्याज पर इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिले। इस प्रकार का कोई भी फैसला लेने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि इंटरेस्ट पर टैक्स में छूट लेने में ज्यादा बचत होगी या प्री-पेमेंट करने में।

 रि-फाइनैंस के बारे में भी सोचें:-



अगर आपके पास होम लोन फाइनेंस से अच्छा कोई और विकल्प है जो आप पर ब्याज और लोन का कम बोझ डालता है तो आप रिफाइनेंस के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं यह भी अच्छा विकल्प हो सकता है। परन्तु इस प्रक्रिया के लिए आपको फीस के रूप में कुछ पैसे चुकाने पड़ेंगे। आपको अपने मौजूदा फाइनैंसर से क्लोजिंग कोटेशन लेकर दूसरे फाइनैंसर को देनी होगी। क्लोजिंग कोटेशन का मतलब है कि आपका कितना प्रिसिंपल बाकी है और अकाउंट बंद करने के लिए आपको कितनी रकम चुकानी है। आपका रिफाइनैंसर इस रकम का चेक पहले फाइनैंसर को देकर आपका लोन अकाउंट टेकओवर कर लेगा। आपको पहले फाइनैंसर को प्री-पेमेंट पेनाल्टी और दूसरे फाइनैंसर को कुछ प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।




अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे


फोन नंबर - +91-9529331331


अथवा

 मेल करे –info@regrob.com  

Thursday, 9 March 2017


एचडीएफसी, भारतीय स्टेट बैंक सहित बहुत से बैंको ने घटाई होम लोन की ब्याज दर 



देश के प्रमुख बैंकों की तरहा सबसे बड़ी लोन प्रोवाइडर कंपनी एचडीएफसी ने अपनी होम लोन रेट्स में 0.45 %(प्रतिशत) की कटौती की है। एचडीएफसी बैंक ने अपने बयान में कहा कि अब 75 लाख रुपए तक के होम लोन पर 8.7 प्रतिशत वार्षिक का ब्याज दर लागु होगा। वहीं इससे अधिक के लोन पर 8.75 फीसदी ब्याज देना पड़ेगा। इससे पहले सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई समेत कई बैंको ने अपनी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की हैं।

महिलाओं को 0.05 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। अभी तक एचडीएफसी की बेंचमार्क लोन रेट 9.1 %(प्रतिशत) थी। नई दरें आज से लागू हो गई हैं।


एचडीएफसी के प्रबंध निदेशक ने कहा, पिछले कुछ महीने के दौरान कोष की सीमान्त लागत (एमसीएलआर) में कमी आई है। इसी के अनुसार एचडीएफसी बैंक ने इसका सम्पूर्ण लाभ ग्राहकों को प्रदान करने का फैसला किया है।



इन बैंकों ने भी घटाई ब्याज दरें:-


1. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी होम लोन के रेट में 0.9 प्रतिशत कटौती की घोषणा की है।
2. एक साल की एमसीएलआर (MCLR) को 0.75 प्रतिशत घटाकर 8.50 प्रतिशत किया गया है।
3. एक दिन की एमसीएलआर (MCLR) को 0.9 प्रतिशत की कटौती के साथ 8.1 प्रतिशत किया गया है।
4. नई दरें 7 जनवरी से प्रभावी हो गयी है


होम लोन होगा सस्ता:-


1. सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कई बैंकों ने अपनी बेंचमार्क लोन रेट्स में 1.48 प्रतिशत की कटौती की है।
2. इससे होम, कार और कॉरपोरेट लोन सस्ता होगा।
3. नोटबंदी से बैंकों की जमा में जोरदार इजाफा हुआ है।
4. इसकी वजह से ही होम लोन प्रोवाइडर्स ने यह कदम उठाया है।



आज के दोर में आपको सस्ते लोन का तोहफा मिल सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) चालू वित्त वर्ष की आखिरी मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करने जा रहा है। नवंबर में नोटबंदी (Demonetisation) के बाद आरबीआई दूसरी बार ब्याज दरों की समीक्षा कर रहा है। कुछ विशेषज्ञों की राय है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर की अगुवाई वाली समिति आर्थिक वृद्धि को बूस्ट देने के लिए ब्याज दर में कटौती की सिफारिश कर सकती है। ऐसे में ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की कटौती की उम्मीद की जा रही है। अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए रॉयटर्स के पोल के मुताबिक, सरकार ने बजट में राजकोषीय घाटे को लेकर जो विवेकपूर्ण कदम उठाया है, उससे आज ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बनती है। वहीं, अटकलें और गुणाभाग का एक पहलू यह भी है, कि आरबीआई रेट कट को अप्रैल तक के लिए टाल सकता है।


आरबीआई द्वारा रेट कट को लेकर ली जाने वाली कॉल से जुड़ी  खास बातें...

1. आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू को लेकर ऐलान कर दिया है,यदि आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट यानी 5 फीसदी की कटौती करता है, तो यह भविस्ये में सर्वाधिक कटौती होगी।

2. आम बजट 2017 में सरकार ने राजकोषीय घाटे को लेकर बेहद सतर्कतापूर्ण और विवेकपूर्ण कदम उठाया और आागामी वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.2 फीसदी रखा।  सरकार का यह कदम एक ट्रैक की ओर इंगित करता है और लोगो में उम्मीद जगाता है कि ब्याज दरों को कम किया जा सकता है।

3. उपभोक्ता वस्तुओं की महंगाई दर दो साल के निचले स्तर पर है और यह दिसंबर में 3.41 फीसदी तय की गयी है। यह आरबीआई द्वारा तय किए लक्ष्य से काफी कम है। आरबीआई द्वारा इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 5 फीसदी तक का टारगेट रखा गया था जबकि मिडिल टर्म टारगेट 4 फीसदी रखा गया था।

4. जानकारों को लगता है कि नोटबंदी के बाद लड़खड़ा रही इकॉनमी को संभालने के लिए रेपो रेट कट देकर केंद्रीय बैंक एक सहारा लगा सकता है।

5. कुछ जानकार ब्याज दरों में किसी भी परिवर्तन की संभावना नहीं देख रहे हैं। बैंकों में सरलता काफी ज्यादा है क्योंकि नोटबंदी के कारण बैंक की जमा पूंजी में तेज़ी बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद ब्याज दरों में एक फीसदी तक की गिरावट पहले ही हो चुकी है। जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में जब मुद्रास्फीति में उतार-चढ़ाव कायम है, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, केंद्रीय बैंक यह जोखिम नहीं लेना चाहेगा।

6. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने दिसंबर में एक आश्चर्यजनक कदम में अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान बैंकों के लिए पुनर्खरीद दर यानी कि अल्पकालिक उधारी दर को 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा था।

7. बैंक और उद्योग प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) में कटौती की वकालत कर रहे हैं। पीएनबी (PNB) की प्रबंध निदेशक उषा अनंतसुब्रमणियम के अनुसार, ब्याज दर में हर तरफ से 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कहा- अधिकतर बैंक पहले ही ब्याज दर में कटौती कर चुके हैं और अगर जरूरत पड़ी तो आगे और कटौती की जाएगी।

8. सिटीबैंक (CitiBank) की एक रिपोर्ट में कहा गया- नोटंबदी के बाद पुनर्मुद्रीकरण की प्रक्रिया के कारण आरबीआई अभी ब्याज दरों में कटौती नहीं कर सकती है, क्योंकि पुनर्मुद्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंकों के उधार देने योग्य संसाधनों में स्पष्टता आएगी।

9. सिंगापुर में डीबीएस (DBS) बैंक  की मुख्य अर्थशास्त्री राधिका राव के मुताबिक, अप्रैल की बजाय फरवरी में रेट कट का कदम सरकार के ऐहतियाती कदमों की बानगी देता है।  लेकिन कुछ जानकारों को लगता है, कि आरबीआई मुद्रास्फीति की अस्थिरता को लेकर सतर्कता बरत सकता है।

होम लोन के विषय में जानकारी 


अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। इसके लिए लोग अपने जीवन भर की कमाई और सेविंग्स लगा देते हैं। ऐसे में एक बार में घर के लिए इसनी बड़ी राशि एकत्र करना थोड़ा मुश्किल है। आप को बता दें कि जिस तरह बाजार में उपलब्ध हर चीज के लिए कई विकल्प मौजूद है, उसी तरह अगर आप अपने ड्रीम होम के लिए लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले सभी तरह के होम लोन (Home Loan) के बारे में जान लें। इससे आपको पता चल पाएगा कि आपकी जरूरत अनुसार कौन सा लोन सबसे बेहतर है। इंडिया टीवी पैसा आपको ऐसे 4 तरह के लोन के बारे में बताने जा रहे है जिन को पढ़ने के बाद आप बेहतर चुनाव कर सकते हैं।

1. होम इंप्रूवमेंट एंड एक्सटेंशन लोन


जरूरी नहीं कि होम लोन सिर्फ घर या फ्लैट खरीदते वक्त ही लिया जाए। पुराने घर की मरम्मत और एक्सपेंशन में भी बड़ी राश्ाि खर्च होती है। इसके लिए होम इंप्रूवमेंट एंड एक्सटेंशन एक अच्छा विकल्प है। यह लोन उस स्थिति में लेना चाहिए जब आपको अपने घर की मरम्मत, रेनोवेशन, फर्निचर खरीदना या फिर अपने घर का दायरा बढ़ाना हो। उस स्थिति में यह लोन लेना चाहिए।

2. शॉर्ट टर्म ब्रिजिंग लोन   


कई बार हम पुराना घर बेचकर नया घर लेते हैं। लेकिन नए घर की ज्यादा कीमत का भुगतान हमारे बस से बाहर होता है। इस स्थिति में हम लोन लेते हैं। यह लोन छोटी अवधि के लिए होता है। पुराना घर बेचने और नया घर खरीदने के बीच के समय में यह मददगार साबित हो सकता है। यह दो साल के लिए दिया जाता है। इस लोन के लिए नई प्रॉपर्टी को कर्ज देने वाले बैंक के पास गिरवी रखा जाता है।

3. जमीन खरीदने के लिए लोन

होम लोन हम फ्लैट खरीदने या रिनोवेशन के लिए ही नहीं बल्कि दूसरे जरूरी काम जैसे जमीन खरीदने के लिए भी लेते हैं। इसे होम लोन की तरह विभिन्न हिस्सों में नहीं बल्कि एक साथ बैंक से लेना होता है। यह लोन जमीन खरीदने पर मिलता है। इसमें आपको जमीन की 85 फीसदी तक की कीमत पर लोन मुहैया कर दिया जाता है।

4. होम लोन इक्विटी


अपने निजी इस्तेमाल के लिए ये काफी अच्छा विकल्प है। उदाहरण के तौर पर अगर आपने वर्ष 2000 में 20 लाख रुपए की प्रॉपर्टी 15 लाख रुपए लोन पर ली। आपने बैंक को सिक्योरिटी के रूप में अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रख दी। अब साल 2006 में आपकी प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से 30 लाख हो गई है और आपके लोन का आउटस्डैंडिंग 11 लाख रुपए रह गया है। आपको बैंक को तो केवल 11 लाख रुपए चुकाने हैं, लेकिन इसके बदले बैंक के पास आपकी 30 लाख रुपए की प्रॉपर्टी है। इसके देखते हुए बैंक आपको और पैसे उधार दे सकता है। यानि कि आप को 7 लाख रुपए और उधार मिल सकते हैं। बाजार में चल रहे ब्याजा दर के हिसाब से आपको ब्याज मिलेगा। लोन लेने से पहले फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट ऑफ इंटरेस्ट में से किसी एक का चयन करें।



अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे


फोन नंबर - +91-9529331331

अथवा 

मेल करे –info@regrob.com




Tuesday, 7 March 2017

सिबिल स्कोर (CIBIL Score) क्या होता है और इसमे कैसे सुधार करे 


सिबिल स्कोर के बारे में बात करें तो इसकी आपको तब जरुरत होती है जब आप किसी लोन के लिए या फिर क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते है तो चूँकि बैंक के लिए एक तरह के वितीय जोखिम की तरह होता है क्योंकि बैंक के पास आपकी लेन देन के मामले में छवि कैसी है इस बारे में जानकारी नहीं होती है वो केवल आपके द्वारा प्रस्तुत किये ये दस्तावेजों के आधार पर आपको लोन देने के बारे में सोच सकता है ऐसे में बैंक आपसे एक और चीज की उम्मीद करते है और वो है आपकी सिबिल स्कोर रिपोर्ट और इस स्कोर के आधार पर कोई भी बैंक या लोन देने वाला कंपनी तय करती है कि आप लोन के पात्र है या नहीं तो चलिए इसी बारे में कुछ और जानकरियां हम आपको देते है |



सिबिल स्कोर के बारे में जानने से पहले हम एक और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में बात करते है वो यह सिबिल स्कोर की रिपोर्ट देने वाली कंपनी के बारे में असल में यह रिपोर्ट एक "क्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड" नाम की कम्पनी जारी करती है जिसकी स्थापना सन 2000 में हुई थी | यह कम्पनी देश में काम करने वाले बैंक और फाइनेंसियल संस्थानों से हम जैसे ग्राहकों के बारे के द्वारा लिए जाने वाले लोन  और क्रेडिट कार्ड से जुडी जानकारी जुटाती है और उन्हें तब उपयोग में लाकर एक रिपोर्ट के रूप में पेश करती है जब किसी भी ग्राहक के द्वारा यह जानकारी लेने के आग्रह किया गया हो |  इसे ही  सिबिल क्रेडिट रिपोर्ट या क्रेडिट इनफार्मेशन रिपोर्ट (सी आई आर ) कहते है |

कैसे निर्धारित होता है सिबिल स्कोर :–

इसके लिए कम्पनी एक पेचीदा अल्गोरिथम का इस्तेमाल करती है जिसमे यूजर जो लोन लेने का इच्छुक है उसकी पिछले छ: महीने की रिपोर्ट देखी जाती है और उसके फाइनेंसियल डाटा का अध्ययन किया जाता है इसके बाद कुछ फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए उसके लिए एक स्कोर निर्धारित किया जाता है जो अगर अच्छा हो तो बैंक उसे व्यक्ति को आसानी से लोन देते है और अगर नहीं तो लोन का मिलना थोडा मुश्किल हो जाता है | असल में यह सिबिल स्कोर रिपोर्ट की मदद से एक तरह से बैंक और लोन लेने वाले ग्राहक दोनों के लिए चीजे आसान हो जाती है | सिबिल स्कोर रिपोर्ट /सिबिल क्रेडिट रिपोर्ट बनाते हुए यह चीजे भी देखी जाती है कि व्यक्ति ने पहले जो लोन कभी अगर लिया है तो उसने समय से हर इन्स्ताल्ल्मेंट भरी है या उसने कितनी बार पेमेंट मिस की है या हर बार समय पर भुगतान दिया है | एक तरह से अगर हम देसी भाषा में कहें तो इस  क्रेडिट इनफार्मेशन रिपोर्ट (सी आई आर) के जरिये यह देखा जाता है कि लेन देन के मामले में व्यक्ति का व्यवहार कैसा है और वो भरोसे लायक है या नहीं |

आप नीचे दिए गये बिन्दुओं के माध्यम से आप समझ सकते है कि लोन के लिए सिबिल स्कोर रिपोर्ट जो बनती है उसमे किन किन चीजो को ध्यान में रखा जाता है:–


1. अगर व्यक्ति ने समय पर हर किश्त का भुगतान किया है तो उसका सिबिल स्कोर उतना ही अधिक अच्छा होगा |
2. अगर उसने किसी भी भुगतान में देरी की है तो यह उसके लो स्कोर के लिए जिम्मेदार होता है |
3. जो पिछले नये भुगतान है अगर उनमे देरी हुई है तो इस स्कोर पर और भी नकारात्मक असर पड़ता है |
4. उसने किस राशी का लोन लिया है इस पर भी सिबिल स्कोर निर्भर करता है |
5. इसके अलावा बहुत सी छोटी छोटी बातों का ध्यान रखते हुए व्यक्ति की सिबिल क्रेडिट रिपोर्ट तैयार की जाती है |



कैसे प्राप्त करें क्रेडिट इंफॉर्मेशनम रिपोर्ट (सी आई आर): – 

यह करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है आपको बस सिबिल स्कोर की वेबसाइट पर जाना है और कुछ नीचे दिए गये स्टेप्स फॉलो करने है:-

इसके लिए आप दिए गये लिंक "https://www.cibil.com/" पर क्लिक करते हुए वेबसाइट पर जाएँ |
वंहा पर आपको एक लिंक “Get your report now" करके दिया होगा उस पर क्लिक करें |
इसके बाद आपको कुछ सामान्ये जानकारी भरनी है और आप इसके बाद पेमेंट करके अपनी रिपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते है |
एचडीएफसी (HDFC) बैंक में अगर आपका अकाउंट है और अगर इन्टरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करते है तो आपके लिए और भी आसानी विकल्प है आप अपनी इन्टरनेट बैंकिंग लॉग इन करिए और नीचे दिए गये पिक्चर के अनुसार आप अपनी सिबिल रिपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते है |




सिबिल स्कोर लोन का आवेदन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, आपका सिबिल स्कोर बेहतर होना चाहिए, जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बतायगे। 

ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड भारत की पहली क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी है जिसे सामान्य रूप से क्रेडिट ब्यूरो भी कहा जाता है, हम व्यक्तियों और गैर-व्यक्तियों (वाणिज्यक निकायों) के लोन और क्रेडिट कार्डस से संबंधित भुगतानों के रेकार्डस् जुटाते और रखते हैं. ये रिकार्डस् बैंको और अन्य लेंडर्स द्वारा मासिक आधार पर हमारे पास जमा किए जाते हैं। इस जानकारी का उपयोग करके क्रेडिट इन्फोर्मेशन रिपोर्ट (सीआईआर) तथा क्रेडिट स्कोर विकसित किया जाता है, जिनकी बदौलत लेंडर्स लोन आवेदनों का मूल्यांकन और स्वीकृत करते हैं. क्रेडिट ब्यूरो को आरबीआई द्वारा अनुज्ञप्त किया जाता है और क्रेडिट इन्फोर्मेशन कंपनीज़ (रेगुलेशन) एक्ट ऑफ 2005 द्वारा अधिशासित किया जाता है।

कई मायनों में ऋण प्राप्त करने के लिए और मानदंड पूरी तरह से ऋण के आकार पर आधारित है, लेकिन सभी बैंकों को अनिवार्य क्रेडिट के सभी वित्तीय उत्पादों, अर्थात् ऋण और क्रेडिट कार्ड के आवेदकों की सिबिल स्कोर को सत्यापित करने के लिए आवश्यक हैं। यह व्यक्तियों की साख स्थापित करने के लिए अनिवार्य कर (लोन) भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश है। इसलिए, यदि एक व्यक्ति का सिबिल स्कोर ख़राब  है, तो यह केवल इसका मतलब है कि वह पर्याप्त उधार उनके पिछले कार्यों के वित्त परंपरागत स्रोतों से ऋण प्राप्त करने के लिए नहीं है।

लेकिन कुछ प्रयासों के साथ, बुरा सिबिल स्कोर के साथ एक व्यक्ति को उसकी रेटिंग में सुधार कर सकते हैं और फिर से बैंक से उधार ले सकते है।

सिबिल स्कोर को सुधरने के लिए यह हम आपको कुछ विशेष जानकारी देगे:-


स्कोरिंग पैटर्न को समझना बहुत जरुरी है

कुछ भी करने से पहले, समझना चाहिए कि एक सिबिल स्कोर की रिपोर्ट और उसके स्कोरिंग पैटर्न क्या है।

तो, एक व्यक्ति की सिबिल रिपोर्ट अनिवार्य रूप से एक डेटाबेस का मतलब है और नियमितता या जैसा भी मामला हो अनियमितता के लिए भुगतान इतिहास के साथ-साथ सभी पिछले ऋण या उसकी / उसके नाम के साथ क्रेडिट कार्ड का ट्रैक रिकॉर्ड होता है। इस डेटा "वित्तीय व्यवहार और वित्तीय अनुशासन" व्यक्ति की लोन स्थापना में मदद करता है और बैंकों को अपने वर्तमान कार्यों और अपने वर्तमान वित्तीय जरूरतों के अनुमान के साथ यह उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भविष्य में भुगतान के लिए आशय एक्सट्रपलेशन में भी मदद करता है।

सिबिल स्कोर के स्कोरिंग पैटर्न 300 रेटिंग पैमाने के निचले सिरे से किया जा रहा है और 900 अंक चढ़कर एक निजी स्कोर व्यक्ति व्याप्ति के उच्चतम साख रेटिंग पैमाने होने के साथ 900 करने के लिए 300 के एक बिन्दु पैमाने पर पर्वतमाला गार्नर करने में सक्षम है, उच्च उधारदाताओं को आकर्षित करने के लिए कतार के लिए ऋण पर बेहतर और बेहतर सौदे की पेशकश करने की संभावना है। आप स्कोरिंग पैटर्न को समझते हैं, आप सही रास्ते अपने सिबिल रेटिंग स्कोर कार्ड में सुधार करने के लिए अगले कुछ चरणों का पालन करने के लिए कर रहे हैं।

1. क्रेडिट कार्ड का रिकॉर्ड साफ होना चाहिए:-


सब अपने क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि समाशोधन अपनी रेटिंग में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कुंजी है। इस तरह के एक तरीके से अपने क्रेडिट कार्ड से खर्च की योजना बना सकते है  कि आप नियत तारीख से पहले अपने क्रेडिट कार्ड के शेष राशि का लेन देन स्पष्ट रक्खे।
अपने सिबिल स्कोर को सुदृढ़ करने के लिए सकारात्मक और लंबा रास्ता हो सकता है। उधारदाता, अच्छा वित्तीय व्यवहार और अनुशासन रहित ग्राहकों की तलाश में है।

सबसे पहले और सभी बकाया देय बंद अग्रणी स्पष्ट अवैतनिक बकाया राशि के महीने-दर-महीने चुकाए इससे आपका स्कोर काफी कम हो जाएगा जो आपके लिए अच्छा होगा। जिनके पास सिर्फ एक या अधिकतम यानि दो क्रेडिट कार्ड के रूप में यह अपने खर्च प्रवृत्ति प्रतिबंध हो तो  समय में अपनी बकाया राशि का भुगतान और एक चेक और अपने खर्च व्यवहार का ट्रैक रखने के लिए आसान रास्ता है।

  2. गलत अपील नही करनी चाहिए:-


एक व्यक्ति सुनिश्चित करें कि आपके क्रेडिट रिपोर्ट में किसी भी त्रुटि के लिए सिबिल स्कोर की वेबसाइट (www.cibil.com) पर गलत अपील नही करनी चाहिए।

किसी भी अपील की सूचना की त्रुटि में सुधर करने के लिए, ऋणदाता या वित्तीय एजेंसी / संस्था एक माह (30 दिन) का निश्चित समय सीमा के भीतर अपील का समाधान करने के लिए अनिवार्य होता है, सिर्फ एक बार गलती को सुधार ओर संसोधित किया जा सकता है। व्यक्ति की क्रेडिट रेटिंग स्कोर में भी स्वतः सुधार किया जा सकता है। हमेशा नए ऋण के लिए आवेदन तब ही किया जाता है जब पुराने ऋण का बकाया पूर्ण रूप से चूका दिया गया हो। यह हमेशा के लिए ऋण प्राप्त करने के लिए जब आप एक साफ स्लेट के साथ शुरू में मदद करता है।




3. सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करें:-


यह ग़लती से माना जाता है कि क्रेडिट कार्ड खातों के उपयोग में अधिक कुकीज़ को निष्क्रिय कर दिया जाना चाहिए। इसका कारण यह है ज्यादातर लोगों इस प्रभाव के बारे में अनजान है, यह एक व्यक्ति की सिबिल रिपोर्ट पर ही आधारित है। वास्तविक, बकाया राशि का भुगतान समय  के साथ अच्छी तरह से प्रबंधित किया जाना चाहिए। लोन के समय की एक लंबी अवधि में एक अच्छा क्रेडिट कार्ड के खाते के भेष में एक आशीर्वाद की तरह है। यह सिबिल स्कोर को बढ़ने के लिए बहुत जरुरी प्रोत्साहन देता है। यह आपके सिबिल स्कोर में सुधर करने के मामले की जड़ है।

4. समान मासिक किस्त का भुगतान करना चाहिए :-


आपको अपने पूर्व लोन या वर्तमान लोन का समय पर भुगतान करना चाहिए, ओर सामान धन राशि का मासिक तोर पर भुगतान करना चाहिए। ऐसा करने से भी आपके सिबिल स्कोर का रिकॉर्ड अच्छा रहता है।

एक व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के बिल का एक अच्छा चुकौती ट्रैक रिकॉर्ड के साथ मिलकर बचत का एक सभ्य राशि रखने रेटिंग को बढ़ाता है।

5. (i) क्रेडिट कार्ड से उपयोग के 30% के नियम


कभी कभी ज्यादातर व्यक्ति अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग सब कुछ खरीदने के लिए प्रयोग करते है। आप अपने क्रेडिट कार्ड की धन राशि का उपयोग 30% से ज्यादा नही करना चाहिए। क्रेडिट कार्ड का उपयोग 30% से अधिक से अधिक करना चाहिए और इस वित्तीय अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन के लिए न केवल अपनी साख स्थापित करेगा, बल्कि सकारात्मकता के साथ आपके बढ़ते हुए सिबिल स्कोर को भी लाभ पहुचता है। जब आपके मासिक बचत संतुलन कम है, यह एक सकारात्मक सिबिल स्कोर को प्रतिबिंबित करने के लिए लाभ में आता है।

(ii) बढ़ी हुई क्रेडिट सीमा


जब भी आपकी रेटिंग अच्छी है, बैंक अपने क्रेडिट कार्ड पर आपके क्रेडिट सीमा को बढ़ाने के लिए की पेश करेगा और एक बेहतर क्रेडिट सीमा को पाने के लिए कभी मना नहीं करेगा। इसका मतलब यह नही है कि आप जरुरत से अधिक खर्च करने लगे, यह केवल बैंक आपमें विश्वास को दर्शाता है। आप अपने क्रेडिट कार्ड की सिमा को बढ़ने के लिए अपने बैंक से संपर्क कर सकते है, तथा बधाई गयी क्रेडिट सिमा वित्ये एजेंसियों के हित में एक प्लस पॉइंट है।

आप अपने क्रेडिट सीमा के 30% के नीचे अपना उपयोग बनाए रखें। तो, 30% उपयोग नियम और बढ़ाया क्रेडिट सीमा सिबिल पैमाने पर एक उच्च रेटिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।


6. सुरक्षित कार्ड के बारे में जानकारी


प्रमुख बैंकों दुवारा ही एक सुरक्षित कार्ड अच्छे सिबिल स्कोर का सही रास्ता तय करता है। जैसे:-  एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, आदि जैसे प्रमुख बैंकों मामूली राशि की सावधि जमा के खिलाफ एक सुरक्षित क्रेडिट कार्ड की पेशकश करते हैं। जब आप समय पर अपनी शेष राशि चुकाने तथा सिबिल स्कोर बेहतर होने लगता है।




अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे


फोन नंबर - +91-9529331331


अथवा 

मेल करे –info@regrob.com

Saturday, 4 March 2017

होम लोन का बेहतर सौदा करने के लिए आसान तरीके कैसे अपनाये




अक्सर कहा जाता है कि ज्यादातर लोगों के लिए, घर की खरीद के लिए होम लोन सबसे बड़ा एकल व्यय होता है। बिना होम लोन (ग्रह ऋण) के  एक घर खरीदना बहुत ही रोमांचक और काफी तनावपूर्ण हो सकता है। क्योकि बहुत कम लोगो के पास घर खरीदने के लिए पर्याप्त धन होता है, जो बिना किसी संपत्ति को बिना बंधक बनाये अपना घर खरीद सकते है। परन्तु ,बहुत से लोग अपनी संपत्ति बंधक के विषय में अच्छा सौदा मिलने की कोसिस में लगे रहते है ।

होम लोन लोगो के घरो के सपनो को पूरा करने के लिए अच्छा माध्यम  है, एक शसक किर्या है, और इसकी भी एक प्रकिर्या है, इस प्रकिर्या को पूरी किये बिना लोन की स्वीकृति नही होती है, मानव की बुनयादी ज़रूरतों में से एक है मकान, हालांकि रोटी कपड़ो के बाद ही इसकी ज़रूरत पड़ती है, पर ये ऐसी जरूरत है जिसकी पूर्ति कम पैसो में नही की जा सकती । एक माकन बनाने या खरीदने के लिए लाखो-करोडो रुपयो की जरूरत होती है, और सामान्ये तोर पर सामान्ये व्यक्ति इसकी आपूर्ति नही कर पाते। ऐसे में उसे जरुरत पड़ती है होम लोन की, आम लोगो के घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार भी प्रतिबद्ध होती है तथा ऐसी जरूरत को पूरा करने के लिए बहुत से बैंको ने होम लोन का प्रावधान किया है, साथ ही साथ भारतीय रिज़र्व बैंक इसे सरल और प्रभावी बनाने के लिए सभी बैंको को समय समय पर गाइड लाइन्स भी जारी करती रहती है जहाँ एक और बैंक होम लोन के दुवारा आम लोगो के घर के सपने को साकार करने में कोई कमी नही करती है, वही दूसरी ओर इस मुद्दे पर भी कोई समझौता नही करती कि लोन गलत हाथो में ना चला जाये, सही लोगो की पहचान के लिए बैंक के पास कुछ फिक्स फॉरमेट होते है, जिनके दुवारा बैंक सही लोगो की पहचान करता है:-

जैसे:- जो व्यक्ति सैलरीड होते है (जो जॉब करते है) उनके लिए अलग फॉरमेट होते है और जो बिजनिसमैन होते है उनके लिए अलग अलग डॉक्यूमेंट (दस्तावेजों) की डिमांड करते है।

बेहतर होम लोन से सम्बंधित हम आपको कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानकारी देते है :-


विडियो देखिये:- 


1) ब्याज दर पर अच्छे से विचार करे:-


ब्याज दर समय समय पर घटती या बढ़ती रहती है, ग्राहकों को ब्याज दर घटने का इंतज़ार करना चाहिए। जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिल सके।

साल 2017 में लोगो को सस्ते होम लोन का तोहफा मिला है, भारतीय स्टेट बैंक सहित बहुत से बैंको ने अपनी ब्याज दर कम कर दी है, भारतीय स्टेट बैंक ने 0.90% ब्याज दर की कटौती की है, वही पंजाब नेशनल बैंक ने 0.70% ब्याज दर घटाने का ऐलान किया है। कटौती के बाद भारतीय स्टेट बैंक की ब्याज दर 8.90% से घटकर 8% रह गयी है। इस तरह 1 महीने 3 महीने और 6 महीने की अवधि के लोन के लिए भी ब्याज दरों में कटौती की गयी है। बैंक ने 2 साल 3 साल अवधि के लिए MCLR घटाकर 8.10 % से 8.15% कर दिया गया है, सभी ब्याज दरे तत्काल प्रभाव से लागु हो गयी है।   

इस तरह भारतीय स्टेट बैंक से 25 वर्षो के लिए गए 20 लाख होम लोन की ईएमआई पर 1220 रूपये काम हो जायगी। होम लोन की पिछले 6 वर्षो की यह सबसे कम ब्याज दर है।
एसबीआई के साथ साथ पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक ने भी अपनी मानक दरों में 0.90% तक की कटौती की है। इस तरहा बैंको ने अपने ग्राहकों को कर्ज़ पर बहुत राहत प्रदान की है, जिससे आप अपने घर खरीदने का सपना पूरा कर सकेंगे।


2)विभिन्न उधारदाताओं से होम लोन के बारे में सुझाव लेना चाहिए:-


किसी भी व्यक्ति के लिए बंधक दरों के अनुसार ब्याज दर व्यापक रूप से भिन्न होता है, आप अपने क्षेत्र के विभिन्न बैंकों, क्रेडिट यूनियनों, और दलालों से बात करें। ये भी आपको सही सुझाव देगे, तथा कम ब्याज दरों के बारे में भी जानकारी देगे। आप अपने विकल्पों के अनुसार अपनी ब्याज दर तलाश कर सकते है। हालांकि यह होम लोन के माध्यम में जाँच करने के लिए एक अच्छा विचार है, एक बंधक दलाल, आपको होम लोन के माध्यम में अच्छा मार्ग दर्शन करता है, दूसरी ओर, एक ऋणदाता, एक क्रेडिट यूनियन की तरह, एक दलाल की भूमि के ऊपर कवर करने के लिए नहीं है, और आप उन लोगों के साथ कम ब्याज दरों पर मिल सकता है।
यदि आप किसी भी बैंक से लंबे समय से जुड़े हुए है, तो बैंक आपको होम लोन के माध्यम में सही सुझाव देगा, अक्सर यह आपको कम ब्याज दरो पर होम लोन प्राप्त करा सकते है,

3)निश्चित या समायोज्य ब्याज दर :-



समायोज्य दर बंधक (एआरएम) से बचें:- समायोज्य दर बंधक (एआरएम) से तत्प्रय है कि आप अपनी संपत्ति को गिरवी रख कर बैंक से लोन के तोर पर क़र्ज़ लेते हो,
निश्चित या समायोज्य ब्याज दरों: बंधक आम तौर पर दो जायके में आते हैं।
फिक्स्ड दर :-  ऋण लेने वाले ऋण के पाठ्यक्रम में भुगतान करते है, यह अपने बंधक भुगतान की मूलधन और ब्याज की ओर चला जाता है का हिस्सा है, हालांकि बीमा और करों में उतार चढ़ाव हो सकता है।
एक समायोज्य दर बंधक (एआरएम) के साथ, ब्याज ऋण के जीवन के दौरान उतार चढ़ाव होता रहता। दस, पांच, या यहां तक ​​कि एक वर्ष की एक प्रारंभिक अवधि के लिए यह ब्याज दर निश्चित रहता है (आम तौर पर एक बहुत कम दर पर, जो कि ऋण के इस प्रकार के लोगों को आकर्षित करती है)  और उसके बाद प्रारंभिक अवधि आपकी दिलचस्पी के बाद जैसे एक मानकीकृत सूचकांक के आधार पर गणना की जाती है।

आम तोर पर ब्याज दर दो प्रकार की होती है:-
1. फिक्स्ड ब्याज दर (निश्चित ब्याज दर)
2. फ्लोटिंग ब्याज दर (समायोज्य ब्याज दर)
समय के अनुसार फ्लोटिंग ब्याज दर में उतार-चढाव आते रहते है, लेकिन फिक्स्ड ब्याज दर में कोई परिवर्तन नही होता है।

4)भुगतान करने पर विचार करें:-


बैंकिंग संधर्भ में, आपको अपनी मासिक क़िस्त का भुगतान समय पर करना चाहिए, इससे आपका बैंकिंग रिकॉर्ड सही रहता है, इसका आपको भविषये मे लोन लेने में भी होगा, और बैंक की नज़रो में आपकी छवि बनी रहेगी, समय पर भुगतान करने से और भी बहुत से लाभ मिलते है, जैसे की आप पर कोई अतिरिक्त चार्ज लागु नही होता।
अगर आप लंबे समय के लिए लोन लेना चाहते है तो, आपकी मासिक क़िस्त की राशि कम होगी और ब्याज दर में भी फायदा होगा


5)ऋण के जीवन काल पर विचार करें:-


सामान्ये तोर पर होम लोन का जीवन काल 30 वर्ष का होता है(न्यूनतम मासिक भुगतान के लिए सही होता है), तथा 10 वर्ष के लिए (उच्चतम मासिक भुगतान के लिए सही होता है), और 15 या 20 वर्ष (दोनों के बीच का भुगतान करने के लिए सही होता है)। हालांकि, 30 वर्ष की योजना में सबसे कम मासिक भुगतान किया जाता है क्योकि यह लंबे समय तक चलता है, और मासिक क़िस्त भी धीरे-धीरे चुकानी पड़ती है, इस प्रकिर्या से लोन लेने वाले व्यक्ति पर ईएमआई का ज्यादा दबाव भी नही पड़ता और व्यक्ति आसानी से अपना लोन चूका देता है

6)कुछ सवाल खुद से पूछने चाहिए :-


जैसे:-
ब्याज दर निश्चित है या समायोज्य ?
ऋण का भुगतान करने में कोई अन्य फीस की जरूरत तो नही होती है?
ऋण की अवधि क्या है?
मुझे प्रति माह कितना भुगतान करना चाहिए ?
वहाँ इस तरह के दलाल और शीर्षक खोज फीस के रूप में अन्य लागत मेरी मासिक भुगतान पर तो नही जोड़ रहे हैं?
मैं अपना ऋण कितनी जल्दी चूका सकता हूँ?
भुगतान के ऋण के जीवन के साथ बदल जाएगा या नही?
लिखित प्रस्ताव पत्र पर ऋण के बारे में क्या क्या बताया गया ?


ये सब बाते आपको याद राखी बहुत जरुरी है 


अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे

www.regrob.com

अथवा 

मेल करे –info@regrob.com