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Tuesday, 4 April 2017

यहाँ हम आपको बतायगे कि आपके पीएफ अकाउंट से कैसे पूरा होगा आपके घर खरीदने का सपना


आज के दोर में कामकाजी तबके का हर व्यक्ति अपने बुढ़ापे में जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए पीएफ में निवेश कर रहा है, ताकि वो अपने रिटायरमेंट के बादजीवन को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए यह निवेश उसका हर कदम पर साथ दे। पीएफ बुढ़ापे को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ अब आपके घर खरीदने के सपने को भी पूरा कर सकता है। 





केंद्र सरकार जल्द ही पीएफ खाते के आधार पर घर खरीदने के लिए जरुरी डाउन पेमेंट और होम लोन ईएमआई की व्यवस्था करने की तैयारी में है। संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए जल्द ही इस स्कीम को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने रूप रेखा तय कर लिया है। जिससे लगभग इस क्षेत्र में कार्यरत 4 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलने की पूर्ण सम्भावना है। 





ईपीएफओ मेंबर्स को मिलेगा बड़ा फायदा


मार्च में राज्यों के विधान सभा चुनाव समाप्त होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इस हाउसिंग स्कीम को लॉन्च करने की तैयारी में है। इस स्कीम के अंतर्गत ईपीएफओ मेंबर्स अपने पीएफ खाते से घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट और ईएमआई का भुगतान करने में सक्षम होंगे। घर खरीदने के लिए पीएफ अकाउंट द्वारा भुगतान से ईपीएफओ में सक्रीय रूप से जुड़े लगभग 4 करोड़ से अधिक लोगों को घर खरीदने में सहूलियत होगी।

इस प्रक्रिया के अनुसार 


अधिकांश मध्यम वर्ग के कर्मचारियों के मासिक वेतन का एक बड़ा हिस्सा घर की ईएमआई देने में निकल जाता था लेकिन इस इस्कीम से अब इस बात की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। स्कीम के तहत यदि कोई ईपीएफओ मेंबर्स घर खरीदना चाहता है तो वह घर के डाउन पेमेंट देने के लिए अपने पीएफ फंड से पैसे निकाल सकता है। इसके अलावा घर खरीदने के बाद होम लोन ईएमआई का भुगतान भी पीएफ फंड से करने हेतु मान्य होगा. इस इस्कीम से घर खरीदने पर मेंबर्स को ईएमआई और डाउन पेमेंट देने के लिए पैसे जुटाने के लिए आसानी होगी।

ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनानी होगी 


इस योजना के अंतर्गत मेंबर्स और एंप्‍लायर्स को मिलकर लगभग 20 लोगों की सदस्यता वाली एक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनानी होती है जो इसका क्रियान्वयन करेगी। सदस्यता वाली ग्रुप सोसाइटी बैंक और बिल्डर एवं डेवलपर से मिलकर टाईअप करेगी जिसमें सभी नियम एवं शर्तों के आधार पर मेंबर्स घर खिरद सकें। इसके साथ-साथ ईपीएफओ अपने मेंबर्स के लिए एक पंजीकृत प्रमाण-पत्र जारी करेगी। इस पंजीकृत प्रमाण-पत्र से बैंक को होम लोन लेने वाले मेंबर्स की कर्ज चुकाने की क्षमता का प्रमाण मिलेगा जिससे उन्हें होम लोन देने में आसानी होगी।

दूसरी स्‍कीमों का भी फायदा मिलेगा


ईपीएफओ मेंबर्स को इस स्कीम के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा घर खरीदने हेतु संचालित की जा रही अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। मेंबर्स को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत होम लोन, ब्याज में छूट और सब्सिडी जैसे सभी बेनिफिट मिलने से उनके लिए घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा।

होम लोन के ब्याज पर लाभ कैसे मिलता है




दिन-रात मेहनत करने के बाद सेविंग्स करके जब आप खुद का घर खरीदते हैं तो वह आपके लिए जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी होती है. अपने आशियाने का सपना संजोय हर कोई इसे पूरा करने के लिए छोटी-छोटी खुशियों से समझौता करते हैं. जीवन की सबसे बड़ी जरूरत रोटी, कपड़ा और मकान होता है. आप मेहनत करके रोटी और कपड़ा तो कमा लेते हैं लेकिन मकान खरीदने के लिए पूरा जीवन संघर्ष करना पड़ता है.

वर्तमान समय में मकान खरीदने के लिए अब ज्यादा संघर्ष की जरुरत नहीं है बस आपको सही जानकारी होना जरुरी है. यदि आप घर खरीदने की सोच रहें हैं तो आपके पास बहुत से ऑप्शन हैं जिनके माध्यम से अपने सपनों का आशियाना खरीद सकते हैं. बैंक द्वारा दिए जाने वाले होम लोन का फायदा उठाकर आप घर खरीद सकते हैं लेकिन इससे जुड़ी बहुत सी बातें हैं जिनको जानना भी आवश्यक है. इन जानकारियों के माध्यम से आप घर खरीदते समय बैंक से लोन लेने पर ब्याज में छूट जैसे बेनिफिट्स पा सकते हैं. घर खरीदते समय रजिस्ट्री से लेकर पजेशन तक आपको बहुत से लेनदेन करने पड़ते हैं पर कुछ ट्रांजैक्‍शन के जरिए आप टैक्स बचा सकते हैं.

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री


जब आप घर खरीदते हैं तो स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री कराना सबसे जरुरी होता है क्योंकि यह आपके स्वामित्व का प्रमाण होता है. मकान की कीमत का 5 से 8 फीसदी हिस्सा स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन के रूप में सरकार को टैक्स देना होता है. लेकिन अगर आप घर खरीदने के एक वर्ष के भीतर ही सेक्शन 80सी के तहत क्लेम करते हैं तो आपको टैक्स में छूट मिल सकता है. इसके तहत क्लेम करने की लिमिट 1 लाख 50 हजार रूपए है जो आपको मिल सकती है. यदि आपने सयुंक्त रूप से या दो लोगों ने पार्टनरशिप में मकान ख़रीदा है तो दोनों प्रॉपर्टी शेयर के तहत अपने-अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इसे क्लेम कर सकते हैं जिससे आपको एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल सकता है.

प्री-ईएमआई में छूट


प्री-ईएमआई में भी आपको लोन में छुट का बेनिफिट मिलता है. अगर आपने कोई मकान ख़रीदा है और वह अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है लेकिन घर निर्माण के लिए जो लोन लिया है उसकी किस्त भरनी शुरू कर दी है तो आप घर का निर्माण पूरा होने के बाद टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. घर के तैयार होने के बाद आप 5 इंस्‍टॉलमेंट्स पर टैक्स छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं बशर्तें आपके घर का निर्माण कार्य पांच वर्षों में पूरा हो जाए.

प्रोसेसिंग फीस पर टैक्स छूट


बहुत कम लोगों को जानकारी होती है कि जब भी आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं तो लोन प्रोसेसिंग फीस पर भी टैक्स में छूट मिलता है. इनकम टैक्स के सेक्शन 2 में साफ़ तौर पर वर्णन किया गया है कि घर खरीदने और उससे जुड़े अन्य खर्चों पर लगने वाले सर्विस चार्जेस और अन्य चार्जेस पर आप टैक्स छूट ले सकते हैं. इसके लिए आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 2(28ए) के तहत टैक्स बेनिफिट्स के लिए क्लेम करना होगा.



होम लोन पर भी पाएं एक्स्ट्रा छूट

सेक्शन 24 के तहत आप बैंक से लिए गए होम लोन पर छूट पा सकते हैं. अगर आप बैंक से लिए लोन का इन्ट्रेस्ट भर रहें हैं तो यह सुविधा मिलती है. यदि किसी महीने में आर्थिक या वित्तीय स्थिति के कारण होम लोन की कुछ ईएमआई मिस कर दिया है तो इन किश्तों को भरने के लिए भी आपको लोन प्रोवाइड किया जाता है जिससे आप पर मानसिक और अतिरिक्त भार नहीं पड़ता है.


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Monday, 27 March 2017

घरो के नव निर्माण तथा घरो में सुधार करने के लिए होम लोन की प्रस्तुति


हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक अच्छा घर हो जिसमे वो अपने परिवार के साथ सुखी जीवन व्यतीत कर सके,
लेकिन कभी कभी अपनी इच्छाओ का घर बनाना हर किसी के लिए संभव नही होता, या पहले से बने हुए घरों कि मरम्मत या सुधार करना भी सम्भव नही हो पता, बढती महगाई को देखते हुए बहुत से लोगो का ये सपना अधूरा रह जाता है


होम लोन लेते समय लोन के नियमो, शर्तो और पैनल्टी, चार्जेज आदि पर गौर करना चाहिए। छोटी से छोटी जानकारी के बारे में भी होम लोन ब्रोकर या बैंक मैनेजर से विस्तार से बात करनी चाहिए। साथ ही साथ अपनी जरूरतों पर खरा उतरने वाले होम लोन का भी चयन करना चाहिए। आप नया प्लॉट खरीदना चाहते है या उस पर ग्रह निर्माण करना चाहते है, या फिर बना बनाया नया माकन खरीदना चाहते है। या जो आपका माकन बना हुआ है उसमे कोई सुधर करना चाहते है, तो आपको अपनी जरूरत को समझ कर ही उसके लिए मिलने वाले विशेष होम लोन का चुनाव करना चाहिए।

हम आपका ये सपना पूरा करने में आपके साथ है, हम आप लोगो की सुविधा के अनुसार आपका घर बनाने का सपना पूरा करने में आपकी मदद करेगे,
हम आपको प्रमुख बैंको से होम लोन दिलाने में मदद करेगे, जैसे- स्टेट  बैंक  ऑफ़  इंडिया ,यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया ,कैनरा बैंक ,बैंक ऑफ़ बरोदा , एच डी एफ सी बैंक  लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड  ,महिंद्रा फाइनेंस, यूको बैंक इत्यादि बैंको से लोन प्रदान करायेगे जिनकी ब्याज दर कम से कम होंगी
हम आपको बताना चाहेंगे कि अगर आप किसी भी बैंक में लोन के लिए आवेदन करते है तो कोई भी बैंक आपको तुरंत लोन नही देता, लोन लेने के किये लोगो को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इन परेशानियों से बचने के लिए आप हमसे संपर्क करे
ये है कि जब घर बनाना शुरू करते है तो पहली क़िस्त बैंक आपको प्रदान करेगा जिससे आप घर बनाने का सामान खरीद सकते है प्री-ईएमआई अंतिम संवितरण का भुगतान किया जाना चाहिए



घर को सुधरने के लिए लोन

घर को सुधरने के लिए हमे ये नही पता होता की कितना खर्च आयगा
  घर की स्थिति सुधरने के लिए बहुत प्रकार के लोन मार्किट में उपलब्ध है  ये आपके सपने को पूरा करने में आपकी मदद करता है, होम लोन से व्यक्ति पर ज्यादा दवाव भी नही पड़ता, और व्यक्ति आसानी से इसे बैंक को आसान किस्तो पर चूका देता है

आम तोर पर लोन की अधिकतम अवधि 15 वर्ष होती है, जिसमे बियाज दर 9.5 से 10.5 होती है जो लोन लेने वाले तथा लोन की धन राशि के अनुसार अलग-अलग हो सकती है लोन की धन राशि व्यक्ति की आय पर भी निर्भर करती है जिससे उसको अधिक से अधिक लोन प्रदान किया जा सके

लोन लेने के लिए ये प्रकिर्या आम तोर पर .5 से 1% होती है
आप धारा 24  के तहत इसका आप अधिक से अधिक लाभ उठा सकते है
लोन प्राप्त करने के लिए आपके पास पुरे दस्तावेज़ो का होना बहुत जरुरी है, जिससे आपको लोन लेने में कोई दिक्कत नही होगी। अगर आपके पास दस्तावेज़ पुरे नही है तो आपके लोन की अर्ज़ी स्वीकार नही होगी

आवेदक के लिए गृह लोन लेने के लिए दस्तावेजों की सूची:

हम आपको सभी प्रकार के दस्तावेज़ों की सूचि के बारे में बतायगे

1. पासपोट साइज फोटो
2. पेन कार्ड
3. वोटर ईडी कार्ड
4ड्राइविंग लाइसेंस

निवास स्थान का पूरा पता जैसे

1. निवास स्थान की पासपोर्ट साइज फोटो
2. राशन कार्ड



निवास स्वामित्व सबूत: निम्न से कोई भी;

1. संपत्ति दस्तावेज
2.  बिजली बिल

 संपत्ति दस्तावेज: संपत्ति के दस्तावेजों अपने सपनों का घर की खरीद के आधार पर प्रस्तुत किया जाना है।


1. शेयर प्रमाणपत्र।
2. नवीनतम रखरखाव बिल।
3. दस्तावेजों व स्वीकृति पत्र मौजूदा बैंकर (यदि लागू हो) द्वारा डी गयी सूची।

स्व कार्यरत व्यापार व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त घर ऋण दस्तावेजों चेकलिस्ट:

ऑफिस का पता सबूत: निम्नलिखित में से कोई एक

1. संपत्ति दस्तावेज (अगर कोई है)
2. रखरखाव विधेयक (यदि कोई हो)
3. उपयोगिता बिल

कार्यालय स्वामित्व प्रमाण निम्नलिखित में से किसी एक 

1. संपत्ति दस्तावेज
2. रखरखाव विधेयक
3. बिजली बिल



व्यापार अस्तित्व सबूत: निम्नलिखित में से किसी एक

1. वर्ष सरल कॉपी
2. दुकान स्थापना अधिनियम
3.  किसी भी कर पंजीकरण कॉपी
4. कंपनी पंजीकरण लाइसेंस


अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे

फोन नंबर - +91-9529331331

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Friday, 24 March 2017

होम लोन की डील करने में ब्रोकर की जरूरत क्यों पड़ती है

  
किसी भी होम लोन का अच्छा सौदा करने के लिए  ब्रोकर (दलाल) का उपयोग करना सही है या नही इसके बारे में हम आपको विस्तार से बतायगे, ब्रोकर शब्द का मतलब होता है जो किसी भी डील अच्छा सौदा करने में आपकी मदद करता हो,

सबसे पहले, हम आपको बताना चाहेगे कि वास्तव में एक ब्रोकर (बंधक दलाल) क्या है और हमें उनकी आवश्यकता क्यों होती है।




ब्रोकर (बंधक दलाल) क्या है?


ब्रोकर (दलाल) उस कड़ी को कहते है जो किसी भी घर के लिए खरीदार और बैंको को एक दूसरे से जोड़ती है। सर्व प्रथम ब्रोकर उधारकर्ता की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करता है, उसके पश्चात उचित सेक्योरिटी (जिसके आधार पर बैंक आपको लोन देगा) उत्पादों की खोज करता है, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार एवम  एकत्र करता है। पूर्व-स्वीकृति के लिए आवेदन करता है, और उसके लिए सही बैंक से ऋण लेने की सलाह देता है।


हमें ब्रोकर (बंधक दलाल) की आवश्यकता क्यों है?



जब कोई व्यक्ति अपने बैंक या बिल्डिंग सोसाइटी शाखा से सीधे लोन प्राप्त करने की कोशिश करता है तो, वह शायद लोन या घर की नियुक्ति के लिए एक सप्ताह या इससे ज्यादा का समय लगा दे, होम लोन या घर की खोज करने से पहले आपको प्रोफेशनल ब्रोकर (बंधक दलाल) की तलाश शुरू कर देनी चाहिए, क्योकि होम लोन या घर की डील करते समय बहुत सी गलतिया हो जाती है, और इन गलतियों को सही करने में महीनो का समय लग जाता है। इन गलतियों से बचने के लिए ब्रोकर का उपयोग किया जाता है, और आसानी से होम लोन प्राप्त करने के लिए ब्रोकर का उपयोग किया जाता है, इससे आपके समय और धन दोनों की बचत होती है।



ब्रोकर (बंधक दलाल) के फायदे:-


ब्रोकरों (बंधक दलाल) का नियमित रूप से उधारदाताओं तथा घर सेल करने वालो की व्यापक श्रेणी के साथ अच्छा खास संपर्क होता है, और बहुत से व्यक्ति होम लोन डील करने की बातो से अनजान रहते है, उनके इस समस्या को दूर करने के लिए ब्रोकर की जरूरत पड़ती है, एक ब्रोकर आपको कुछ कर्ज़दारों से दूर रहने को बोलता है, जो आपके लिए सही नही होते। ब्रोकर आपकी खोज और समय की बचत करने में सहायक होता है।

ब्रोकर की मदद लेने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जब आप घर खरीदार से डील करते है तो ब्रोकर आपके पक्ष में रहकर बात करता है, ब्रोकर आपके धन कि बचत करने में भी आपकी मदद करता है, बहुत से बैंक ब्रोकर की मदद से ही होम लोन प्रदान करते है। क्योकि ब्रोकर ग्राहक की अच्छे से जाँच पड़ताल कर लेता है, जैसे कि ग्राहक की मासिक इनकम कितनी है, उसके पास कितनी प्रोपर्टी है, ग्राहक का स्थायी पता, ग्राहक लोन लेने की स्तिथि में है या नही इत्यादि। और बैंक को लोन प्रदान करने में कोई परेसानी नही होती। अगर बैंक को ग्राहक पर थोड़ा सा भी संदेह होता है तो बैंक लोन के आवेदन को नामंज़ूर कर देता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को लोन नही मिल पाता और ग्राहक निराश हो जाता है, जन सभी परेशानियों से बचने के लिए व्यक्ति को ब्रोकर की जरूरत पड़ती है।


आपके रियल एस्टेट एजेंट की तरह, बैंक से होम लोन कराने में ब्रोकर आपके लिए काम करता है, और तब तक काम करता है, जब तक आप अपना होम लोन की पूरी रकम नही चूका देते, ब्रोकर आपके साथ आपका साथी बनकर बनकर साथ देता है। इसी प्रकार, ब्रोकर बैंक कर्मचारियों की तुलना में खरीदारों के लिए अधिक प्रबंधनीय होने के लिए उपयुक्त हैं, अगर आपके दिमाग में कोई भी प्रश्न हो, तो ब्रोकर से आप अपने प्रश्नो का जवाब आसानी से प्राप्त कर सकते है। 


कुछ बैंक ऐसे है जो ब्रोकरों के साथ ही काम करना पसंद करते है। इसलिए, आपके ब्रोकर के पास लोन प्रॉडक्ट्स तक अच्छी पहुंच हो सकती है, जो आपकी नही हो सकती।

ब्रोकर को आपसे बेहतर पता होता है कि होम लोन प्रदान करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, क्योकि आज के समय में होम लोन लेने के लिए काफी अधिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, इसी प्रकार सभी तरह के दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए ब्रोकर हमेशा तैयार रहते है, और व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेसानी का सामना नही करना पड़ता। 




ब्रोकर छिपी हुई धन राशि में बचत करने में मदद करता है, जैसे कि


घर निरीक्षण शुल्क


जब आप किसी घर का निरीक्षण करने जाते है तो, कुछ हज़ार रूपये चार्ज देना पड़ता है, आमतौर पर खरीददारों द्वारा घर खरीदने से पहले कुछ धन राशि देनी पड़ती है। जो प्रत्यश रूप से नही ली जाती, जिसको हिडन चार्ज भी कहते है।



मूल्यांकन शुल्क



जब आप कोई घर खरिदते है तो,  उनके ऋणदाता / बैंक / बैंकिंग संस्थान उन्हें एक पेशेवर रियल एस्टेट मूल्यांकक द्वारा मूल्यांकन की संपत्ति की आवश्यकता होगी। गृह ऋण लेने वालों या ग्राहकों को पेश करने के लिए धन की राशि का निर्धारण करते समय, ऋणदाता, बैंक और बैंकिंग संस्थान ऐसे मूल्यांकन का उपयोग करते हैं। जिसके आदर पर वो ग्राहक पर भरोसा करते है।



होम लोन की डील फाइनल करने की लागत


जब कोई ग्राहक अपने समापन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए आता है, तो उन्हें मिश्रित फीस के लिए हजारों रुपयों को तैयार करने के लिए तैयार होना चाहिए। समापन लागत के रूप में जाने वाले ऐसे खर्चों में प्रोसेसिंग फीस, अंडरराइटिंग फीस, रिकॉर्डिंग फीस, सर्वेक्षण शुल्क और शीर्षक बीमा शुल्क शामिल हो सकते हैं। समापन लागत आमतौर पर बंधक ऋण राशि के 2 से 3% या किसी भी होम लोन खाते के बीच होती है।


संपत्ति कर और घर बीमा


यदि आपके पास कभी ब्रोकर  (बंधक दलाल) नहीं है, तो सावधान रहें कि आपका मासिक बिल केवल ऋण की राशि और ब्याज को प्रदर्शित नहीं करेगा। यह गृह मालिकों के बीमा के लिए संपत्ति करों और प्रीमियम को भी प्रतिबिंबित करेगा, जो सभी बंधक उधारकर्ताओं को प्राप्त करना आवश्यक है। यदि आपने प्रत्यक्ष रूप से होम लोन न लेकर अपने पुराने घर को गिरवी रख कर होम लोन लेते है तो ये आपके लिए बेहतर विकल्प होगा, जिससे आपको आसानी से ग्रह ऋण प्राप्त हो जायगा।


ब्रोकर (बंधक दलाल) आपको आपके अनुसार ही ऋण प्राप्त कराने में आपकी मदद करते है, लेकिन ब्रोकर प्रोफेसनल होना चाहिए, जो आपकी सभी समस्याओ का समादान करने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सके। कुछ समय के लिए आपको उधारदाताओं से सीधे संपर्क करना चाहिए ताकि आपको बंधक उपलब्ध कराये जा सकें। ठोस संदर्भ के साथ एक विश्वसनीय बंधक दलाल के साथ काम करें और उन्हें अपने ऋण अनुमानों को आश्वस्त करने के लिए कहें।





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Tuesday, 21 March 2017

कैसे पाएं होम लोन की धन राशि पर टैक्स में छूट



आपका होम लोन एक बोझ के जैसा महसूस हो सकता है, क्योंकि इस पर लगने वाला ब्याज का बोझ कर्ज लेने वाले की खासी कमाई खा जाता है आपके टैक्स का बोझ कम करने के लिए सरकार समय समय पर टैक्स में छूट देती रहती है जिससे ग्राहक को अपना लोन चुकाने में बहुत राहत मिलती है। टैक्स में छूट पाने की वजह से घर खरीद कर न सिर्फ आप एक मकान मालिक बन सकते हैं, बल्कि आपका बहुत धन भी बच जाता है। सरकार द्वारा होम लोन लेने वालों को टैक्स पर छूट देने का मूल उद्देश्य लोगों को अपनी संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। जिससे वे अपने परिवार के साथ सुखमये जीवन व्यतीत कर सके

होम लोन, टैक्स बचाने और लंबे समय तक इस में राहत पाने का सब से अच्छा तरीका है। इनकम टैक्स ऐक्ट 1961 के अनुसार कहता है कि लोन को टैक्स बचाने के इंस्ट्रूमैंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कोई प्रौपर्टी खरीदने के लिए होम लोन लेने के बाद व्यक्ति अपने टैक्स में छूट के लिए आवेदन कर सकता है। यह छूट न सिर्फ मूल राशि पर, बल्कि होम लोन पर लगने वाले ब्याज दर पर भी लागू होती है

होम लोन पर इनकम टैक्स में छूट इनकम टैक्स ऐक्ट के सैक्शन 24, 80 सी और 80 ईई के तहत मिलती है। यह लाभ सिर्फ किसी विशेष व्यक्ति और एचयूएफ यानी हिंदू अनडिवाइडैड फैमिलीज को मिल सकती है। टैक्स में यह छूट सिर्फ होम लोन पर ही मिलती है, अन्य तरह के लोन जैसे कि लोन अगेंस्ट प्रौपर्टी यानी एलएपी आदि पर नहीं मिलती 


होम लोन से टैक्स में मिलने वाली छूट:-


टैक्स पर छूट होम लोन के 2 हिस्सों पर उपलब्ध है--मूल धन राशि और ब्याज दर मूल धन राशि पर लाभ जहां सैक्शन 80 सी के तहत पाया जा सकता है वहीं टैक्स में छूट के लाभ के लिए सैक्शन 24 के तहत भी आवेदन किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने सैक्शन 80 ईई को 2013-14 के बजट में पेश किया था, जिसके तहत ब्याज दर के भुगतान पर कुछ शर्तों के साथ टैक्स में छूट मिलती है। जिन लोगों ने वित्त वर्ष 2013-14 में पहली बार होम लोन लिया था वे ब्याज की अदायगी पर सैक्शन 24 के तहत 1 लाख रुपए की अतिरिक्त छूट पाने के हकदार हो गए।अनयूटिलाइज्ड ब्याज दर के लिए वर्ष 2014-15 के लिए भी छूट उपलबध कराई गयी है। टैक्स पर अतिरिक्त छूट मिलने का मतलब यह है कि आप अपना ज्यादा पैसा बचा सकते हैं। लेकिन सरकार ने इस छूट को आगे के वर्षों के लिए नहीं बढ़ाया क्योंकि इस के बारे में सैक्शन 80 ईई में वर्णित नहीं किया गया है। वित्त वर्ष 2015-16 के लिए यह लाभ सिर्फ सैक्शन 80 सी और सैक्शन 24 के तहत ही उपलब्ध किया गया है


वीडियो भी देखे 


मूल धन राशि की अदायगी पर छूट:-

होम लोन लेने वाला व्यक्ति मूल राशि का जो हिस्सा हर महीने अदा कर सकता है उस के आधार पर इनकम टैक्स में छूट वह इनकम टैक्स ऐक्ट के सैक्शन 80 सी के तहत ले सकता है। इस सैक्शन के तहत कोई भी व्यक्ति अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की राशि पर टैक्स में छूट पा सकता है। डेढ़ लाख रुपए की छूट की यह सीमा आप के पीपीएफ, टैक्स सेविंग एफडी, इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड, नैशनल सेविंग सर्टिफिकेट और अन्य सभी को मिला कर मिलने वाली छूट होती है

इस सैक्शन के तहत छूट तब तक लागू नहीं होती है जब तक प्रौपर्टी निर्माणाधीन हो। यह लाभ प्रौपर्टी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मिलता है। सब से महत्त्वपूर्ण बात यह जानना है कि एक टैक्सपेयर उन सालों के दौरान की गई ब्याज अदायगी का संयोजन कर के 5 बराबर किस्तों में छूट की मांग कर सकता है और इस की शुरुआत निर्माण कार्य पूरा होने वाले वर्ष से की जा सकती है। लेकिन अगर प्रौपर्टी का मालिक पजेशन लेने के 5 साल के भीतर प्रौपर्टी बेच देता है तो छूट नहीं मिलती।अगर प्रौपर्टी का मालिक इस पीरियड में टैक्स पर छूट लेता है तो इस छूट को आमदनी का हिस्सा माना जाएगा और टैक्स देना होगा। यह छूट पेमैंट के आधार पर भी उपलब्ध होती है, न कि उन सालों पर जब यह भुगतान किया गया

संयुक्त रूप से होम लोन टैक्स में छूट :-


सैक्शन 80 सी प्रौपर्टी की खरीदारी के समय लगी स्टैंप ड्यूटी और रजिस्टे्रशन चार्ज पर भी टैक्स में छूट देता है। सैक्शन 80 सी के तहत कोई भी व्यक्ति अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की छूट पा सकता है, जोकि पीपीएफ, टैक्स सेविंग एफडी, इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड, नैशनल सेविंग सर्टिफि केट व अन्य सभी को मिला कर संयुक्त रूप से मिलती है। यह छूट उस साल के दौरान ली जा सकती है जिस में इस की अदायगी की गई हो




ब्याज दर की अदायगी पर होम लोन टैक्स में छूट :-


प्रौपर्टी खरीदने पर यह लाभ सिर्फ उसी स्थिति में लिया जा सकता है जब प्रौपर्टी का निर्माण पूरा हो चुका हो और इस का पजेशन सर्टिफिकेट मिल चुका हो। प्रौपर्टी की खरीद के अलावा, टैक्स पर छूट रिहायशी प्रौपर्टी के निर्माण, मरम्मत, नवीनीकरण और पुनर्निर्माण आदि के वास्ते लिए गए लोन पर मिल सकती है। हाउस प्रौपर्टी से होने वाली आमदनी को होम लोन पर लगने वाले ब्याज के साथ ऐडजस्ट किया जा सकता है

जिस प्रॉपर्टी पर आपका कब्ज़ा है उस प्रॉपर्टी पर छूट पाने की अधिकतम धन राशि 2 लाख रुपए होती है। इस के अलावा, अगर प्रौपर्टी लोन मंजूर होने की तारीख से ले कर 3 वर्षों के भीतर कंप्लीट नहीं होता है तो ब्याज दर पर मिलने वाली छूट की सीमा 2 लाख रुपए से घट कर 30 हजार रुपए हो जाती है। अगर संपत्ति पर अपना कब्जा नहीं है तो टैक्स में छूट की कोई सीमा नहीं होती है, ब्याज दर की कुल राशि पर टैक्स में छूट के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस का एक अन्य पहलू यह भी है- अगर प्रौपर्टी का मालिक अपने घर में न रह कर नौकरी या व्यापार अथवा अन्य किसी जिम्मेदारी की वजह से किसी अन्य जगह पर रहता है तो वह 2 लाख रुपए तक की छूट हासिल कर सकता है। सैक्शन 80 सी के तहत पेमैंट की अदायगी के आधार पर मिलने वाली छूट के विपरीत इस सैक्शन के तहत मिलने वाली छूट संग्रहण आधारित होती है। ऐसे में छूट वार्षिक आधार पर ली जा सकती है। ऐसा उस स्थिति में भी लागू होता है जब उस वर्ष के दौरान कोई अदायगी न की गई हो

होम लोन का कायदा और फायदा:-


होम लोन रिटेल बैंकिंग का सब से ज्यादा बिकने वाला उत्पाद है

जौइंट होम लोन लेने से लोन राशि बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ टैक्स बचत में भी बहुत फायदा मिलता है

सिंगल होम लोन में केवल होम लोन लेने वाले को ही टैक्स का फायदा मिलता है

इंट होम लोन में लोन में भागीदारी करने वाले का भी टैक्स बचता है

बैंक लोन देते वक्त दोनों आवेदकों की इनकम को ध्यान में रख कर लोन देता है

इनकम टैक्स ऐक्ट 24 (बी) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपए तक की छूट का क्लेम कर सकते हैं

इनकम टैक्स ऐक्ट 80 सी के तहत प्रिंसिपल अमाउंट पर 1.5 लाख रुपए तक का क्लेम किया जा सकता है

किसी संस्था या संगठन के नाम होम लोन नहीं दिया जाता है





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Monday, 20 March 2017

होम लोन की ब्याज दर में कटौती, साकार होगा आपके घर बनाने का सपना 





नोटबंदी के बाद लोगों को लगा कि महंगाई अपने चरम पर होगी|  अपने घर बनाने के सपनो को लेकर बहुत से लोग प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट होने की वजह से हताश नजर आए, परन्तु दूसरी ओर बहुत से लोगों के चेहरे पर प्रॉपर्टी की कीमतों में कमी आने से चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली| नोटबंदी के इस दोर में बैंको में बढ़ती हुई रकम को देखते हुए नए वर्ष में बैंकों ने भी राहत देते हुए होम लोने की ब्याज दरों में कटौती का अनमोल तोहफा दिया है| जिससे आपको घर, शिक्षा और वाहन खरीदने पर लो-ईएमआई के साथ-साथ कम ब्याज दरों पर लोन मुहैया कराया जायगा|

1 जनवरी 2017 से भारत के सभी प्रमुख बैंकों ने अपने ब्याज दरों में कटौती करते हुए इसके अंतर्गत नियमों को लागू कर दिया है| आप अपने संबंधित बैंक में जाकर कटौती से जुड़ी सभी जानकारियों को विस्तार पूर्वक प्राप्त कर इसका भरपूर लाभ उठा सकते है| सरकार के इस फैसले से उच्च वर्ग के लोगों के साथ-साथ मध्यम और निम्न वर्ग के लोगो को फायदे के साथ-साथ रियल एस्टेट में मंदी का दौर कम होगा एवं सभी के लिए घरो की डिमांड बढ़ने की अपार संभावनाएं है|

पिछले छह वर्षों में सबसे निचे रहा इस वर्ष का ब्याज दर




भारतीय स्टेट बैंक ने फेस्टिव योजना के तहत इस वर्ष होम लोन पर 0.15% तक ब्याज दरों को घटाया गया है जो कि पिछले छ: वर्षों के अनुसार इस वर्ष सबसे कम ब्याज दर है| इसकी तुलना में अन्य बैंक जैसे एचडीएफसी एवं आईसीआईसीआई सहित बहुत से बैंको ने भी अपने ब्याज दरों में कटौती की है परन्तु उनकी ब्याज दरें एसबीआई की अपेक्षा 0.2% अधिक है| पूर्व में भारतीय स्टेट बैंक में होम लोन पर ब्याज की दर 9.25% थी लेकिन वर्तमान में महिलाओं को विशेष छूट देते हुए दर 9.1% व पुरषो और अन्य को 9.10% की दर से ब्याज पर लोन दिया जा रहा है|


इस योजना के तहत नहीं लगेगी प्रोसेसिंग फीस



भारतीय स्टेट बैंक ने घर, वाहन एवं शिक्षा हेतु लोन लेने वालो पर ब्याज दरों में कटौती के साथ-साथ कुछ योजनाओ के तहत प्रोसेसिंग फीस में भी छूट देने का मन बनाया है| नोटबंदी के कारण से बैंकों में भारी मात्रा में पैसे जमा होने के कारण कर्जधारकों की कमी को देखते हुए होम लोन ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गाया है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया के तहत होम लोन हेतु आवेदन करने पर प्रोसेसिंग फीस नहीं देनी पड़ेगी| इसके साथ ही एसबीआई से एप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स व एसबीआई प्रिविलेज एवं एसबीआई शौर्य स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों को लोन से संबंधित किसी भी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी अपितु बैंक द्वारा पूर्ण रूप से मुफ्त में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी|

9 से 12 लाख रूपए तक की धन राशि के लोन पर मिलेगी सब्सिडी

31 दिसम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में निम्न व मध्य वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होम लोन पर सब्सिडी देने घोषणा की है| पहले की तुलना में होम लोन के ब्याज दरों में कमी के बाद सब्सिडी की दर भी बढ़ाने की घोषणा करते हुए आवास हेतु होम लोन की राशि भी बढ़ाने की बात कही है. होम लोन पर पूर्व में छ: लाख रूपए तक क्रेडिट लिंक सब्सिडी दिया जाता था| जिसमे वृद्धि करते हुए अब 9 से 12 लाख रूपए तक के होम लोन पर आपको सब्सिडी मिलेगा| इसके माध्यम से लोअर एवं इनकम ग्रुप को काफी फायदा होगा| सब्सिडी की दर में बढ़ोतरी करने से एलआईजी फ्लैट्स व ईडब्लूएस घरों की डिमांड को भी पूर्ण करने में आसानी होगी और अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट्स को भी फायदा होगा|

कम होगी होम लोन की ईएमआई

अपना सपनो का घर बनाना और खरीदने का सपना हर व्यक्ति का होता है, घर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए व्यक्ति दिन रात मेहनत करता है और एक-एक पाई जोड़कर और बैंक से क़र्ज़ लेकर व्यक्ति घर का सपना तो पूरा क्र लेता है परन्तु उसके बाद हर महीने अपने घरेलू खर्चो में कटौती करके बैंक को भारी धन राशि की ईएमआई जमा करने में मानसिक व शारीरिक तनाव से जूझते रहते है, लेकिन होम लोन की ब्याज दरो में कटौती होने के कारण इस तनाव से कुछ हद तक छुटकारा मिलेगा| और प्रतिमाह ईएमआई के बढ़ते बोझ और पैसे की जुगत करने की परेशानियों से कुछ सुकून तो मिलेगा ही साथ ही साथ अपनी ईएमआई में थोड़ी सी वृद्धि कराकरईएमआई जमा करने के झंझट से जल्दी छुटकारा पा सकते है|


सन 2017 में प्रॉपर्टी डीलिंग और रियल एस्टेट में होगी ग्रोथ


नोटबंदी के कारण रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग के क्षेत्र में काफी गिरावट आई है जिसके चलते इनके दाम आधे हो गए है| रियल एस्टेट ब्रोकर्स के सौदे तय होने व एडवांस लेने के बावजूद भी तोड़ दिए गए| रेपो रेट में कमी से बिल्डरों व डीलरों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है| परन्तु होम लोन की ब्याज दर में कटौती से अब प्रॉपर्टी डीलिंग में ग्रोथ होने की अपार संभावनाएं है| जैसे-जैसे नोटबंदी के मामले की स्थिति सामान्य होती गयी वैसे-वैसे लोगों में पुनः रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग के क्षेत्र में रुझान दिखाई देने लगा| कम कीमत और कम ब्याज दर होने की वजह से ग्राहक वर्ग इसमें निवेश करने की सोच रहे है| लो बजट और नए प्रोजेक्ट की निर्माण प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ होगी और मकानों की लागत कम होने से कम धन राशि की दरों पर घर मिलेंगे|

भविष्य में भी मिलेगा अच्छा रिटर्न


रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी में निवेश आपको कभी नुकसान नहीं पहुंचाता है| वर्तमान और भविष्य को देखते हुए निवेश के लिए इससे अच्छा कोई और विकल्प नहीं है| वर्तमान में सोने-चांदी के घटते-बढ़ते दामों पर नजर डालें तो उसमें कही न कही कुछ आपको नुकसान उठाना ही पड़ता है| क्योकिं बाजार में जो सोना है वह 22-23 कैरेट है जो की पूर्ण सोना नहीं है परन्तु रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी मे इन्वेस्ट करने से वह आपको दुसरे दिन से ही फायदा पहुंचना शुरू कर देता है| सही लोकेशन और बेस्ट क्वालिटी मटेरियल से बने फ्लैट्स, बंगलो या रो-हाउस आपको दुगना फायदा भी पंहुचा सकता है| कामर्शिय प्लाट में निवेश करना आपको लंबे समय तक फायदा देता है| नोटबंदी के बाद स्थिति में सुधार के साथ-साथ कीमतें पुनः अपने स्तर पर पहुँच गयी है| वर्तमान की स्थिति को देखते हुए रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करने से भविष्य में आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा इसलिए जल्द से जल्द इस फायदे का लाभ उठाये|




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Friday, 17 March 2017

एक्सिस बैंक से कम ब्याज दरो पर मिलेगा होम लोन



एक्सिस बैंक ने होमलोन बाजार में नई चुनौती स्कीम पेश की है। एक्सिस बैंक ने होमलोन ग्राहकों के लिए एक लुभावनी स्कीम निकाली है। इस स्कीम का नाम ‘हैप्पी एंडिंग होम लोन स्कीम है।

इस स्कीम के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का होम लोन 20 साल या इससे ज्यादा अवधि का है और उस व्यक्ति ने 15 साल तक समय पर ईएमआई चुकाई है तो उस व्यक्ति को अंतिम साल का होम लोन नहीं चुकाना पड़ेगा यानी 12 ईएमआई के पेमेंट से छूट मिल जाएगी।

Regrob द्वारा एक्सिस बैंक जाओ,  और आसानी से काम ईएमआई तथा कम ब्याज दर पर ‘होम लोन पाओ एक्सिस बैंक ने होम लोन ग्राहकों के लिए एक लुभावनी स्कीम निकाली है। इस स्कीम का नाम ‘हैप्पी एंडिंग होम लोन रक्खा गया है।

एक्सिस बैंक की ये रोचक स्कीम दरअसल ग्राहकों को लोन लाभ पहुचाने के लिए है, जिससे सभी का अपना खुद का घर हो। और एक वजह ओर भी है, प्री पेमेंट चार्ज खत्म होने के बाद लोग आसानी से सबसे कम ब्याज दर की तलाश में एक बैंक से दूसरे बैंक में जा सकते है। लोग अगर अपना लोन समय से पहले चुका दें तो उन्हें इस स्कीम का फायदा नहीं होगा। 15 साल तक ईएमआई चुकाने के बाद ही कोई ग्राहक इस स्कीम के लिए क्वालिफाई कर सकेगा।

जो ग्राहक कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और सही समय पर अपनी ईएमआई भरते हैं उन्हें कुछ फायदा देन के लिए ये स्कीम चलाई गई है। इस तरीके से बैंक के ग्राहक ओर बैंकों में नहीं जाएंगे।

बैंको की तुलना में एक्सिस बैंक का होमलोन 0.5 फीसदी महंगा है। 15 साल तक हर ईएमआई पर 0.5 फीसदी ज्यादा रकम देने से बेहतर है कि ग्राहक दूसरे बैंकों से होमलोन ले।
अन्ये बैंको से लोन लेने के लिए भी आप Regrob से संपर्क करे, हम आपका लोन कम ब्याज दर तथा कम ईएमआई पर करा कर देगे, इससे आपके धन और समय की बहुत बचत होगी।   



एक्सिस बैंक की तरफ से होम लोन की नई स्कीम



निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने खुद का बिज़निस करने वाले लोगों के लिए एम्पावर होम लोन के नाम से एक होम लोन स्कीम की योजना शुरू की है।

इस योजना का लाभ केवल ऐसे पेशेवर और गैर पेशेवर लोग उठा सकते हैं, जिनका अपना बिज़निस है। और वो अपना घर बनाना या खरीदना चाहते है।

कर्ज की सीमा प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शहरों के लिए एक करोड़ रुपये तथा अन्य शहरों व गांवों के लिए 50 लाख रुपये तय की गई है। योजना के तहत न्यूनतम कर्ज की राशि 10 लाख रुपये रखी गई है।

इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग अधिकतम 15 वर्ष की अवधि के लिए कर्ज ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए कर्ज की परिपक्वता अवधि के समय कर्ज लेने वाले की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इस योजना के तहत कर्ज केवल अपना मकान बनाने, पुराना मकान खरीदने, जमीन खरीदने या फिर पहले से बने मकान के विस्तार के लिए ही दिए जाने की व्यवस्था की गयी है।

नोटबंदी से होम लोन लेने वालो को हुए लाभ


नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा होम लोन चुकाने वालों को हो सकता है। जल्द ही होम लोन चुकाने वालो की ईएमआई में बड़ी कटौती हो सकती है। निजी सेक्टर में एक्सिस बैंक ने इस बात के संकेत भी दिए हैं। बैंक अधिकारियों के मुताबिक मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी किए जाने के बाद बैंकों के कैश में बड़ा इजाफा हुआ है। इसके चलते आने वाले महीनों में लोन की ब्याज दरों में कमी की उम्मीद है।

एक्सिस बैंक ने कहा कि 500 और 1000 के नोट के रूप में जो लोग नकदी जमा कर रहे हैं, उससे सभी बैंकों की वित्तीय स्थिति में बहुत सुधार हुआ है, जिसके चलते अब बैंकों में सस्ती दरों पर होम लोन देने की होड़ मच सकती है और होम लोन की ब्याज दरें भी कम हो सकती है। ऐक्सिस बैंक के रिटेल बैंकिंग हेड ने बताया कि एक समय में सेविंग और चालू खातों में बहुत कम राशि जमा थी, लेकिन अब इनमें बढ़ोतरी के चलते हमारे लोन की कीमतें सस्ती हो सकती हैं। ऐक्सिस बैंक की ओर से मिले संकेत को उन लोगों के लिए खास माना जा रहा है, जो हजारों रुपए की ईएमआई हर महीने भुगतान कर रहे हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में बैंकों में 60,000 करोड़ से भी ज्यादा रुपए जमा हो चूका है। समय के साथ इस राशि में लगातार बड़ा इजाफा हुआ है। डोमेस्टिक रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने जमा के ब्याज में 0.3 से लेकर 0.10 फीसदी तक की कमी का अनुमान जताया है। जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज में कटौती को बैंक लोन के ब्याज में कमी करते हुए लोगों को फायदा पहुंचाने पर विचार किया हैं।

निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.15-0.20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जो लागू हो हो गयी है। बैंक ने एक साल के लोन पर एमसीएलआर को 15 बेसिस प्वाइंट यानी 0.15 फीसदी कम कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर, दो और तीन साल के लोन के लिए 20 बेसिस प्वाइंट यानी 0.20 फीसदी की कटौती कर दी है। एक्सिस बैंक की तरफ से यह फैसला नोटबंदी के बाद लिया गया है, क्योंकि नोटबंदी के बाद से बैंकों में काफी पैसा जमा हो गया है। तथा बैंक चाहती है कि इस पैसे का लाभ पब्लिक तक भी पहुचे।

अब एमसीएलआर का नया रेट क्या हैं


इस कटौती के बाद अब नया एमसीएलआर रेट एक महीने के लिए 8.70 प्रतिशत, 3 महीनों के लिए 8.90 प्रतिशत और 6 महीनों के लिए 9 प्रतिशत होगा। वहीं दूसरी ओर एक साल के लिए एमसीएलआर रेट 9.05 प्रतिशत, दो साल के लिए 9.10 प्रतिशत और तीन साल के लिए 9.15 प्रतिशत होगा। एक्सिस बैंक ने कहा है कि नए होम लोन पर यह रेट 18 नवंबर से लागू हो गए है।

एमसीएलआर क्या है


एमसीएलआर का मतलब है मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट। यह रेट होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और अन्य लोन पर तय न्यूनतम ब्याज दर होती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2016 से की है। इसे इसलिए लागू किया गया था, ताकि ग्राहकों को फायदा पहुंचाया जा सके। इसके लागू होने के बाद से जैसे ही भारतीय रिजर्व बैंक दरों में कटौती करता है, उसके साथ ही सभी बैंकों को भी अपनी ब्याज दरों में कटौती करनी होती है। जिससे ग्राहकों को बहुत लाभ होता है।

प्रतिद्वंद्वी बैंक कर चुके हैं कटौती


एक्सिस बैंक ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब एक्सिस बैंक के प्रतिद्वंद्वी बैंक जैसे:-  एसबीआई, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक पहले ही एमसीएलआर में 15 बेसिस प्वाइंट यानी 0.15 फीसदी की कटौती कर चुके हैं।



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Saturday, 11 March 2017

घर या कोई प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जाने होम लोन के फायदे और कायदे



आज के दोर में भारत वर्ष में अफोर्डेबल हाउसिंग की जरूरत दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। हर किसी का सपना होता है कि आपका भी अपना आशियाना हो और उसमें अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें। आपके इस सपने को पूरा करने में बैंक आपका सबसे बड़ा साथी होता है जो आपकी घर की जरुरत को पूरा करता है। घर खरीदने के सपने के लिए बैंक हमेसा आपके साथ होता है जो लोन के रूप में आपकी आर्थिक सहायता करता है।

यदि आप किसी भी तरह की कमर्शियल या रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीद रहें हैं तो आपको होम लोन से जुड़े फायदे और कायदे के बारे में भी पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है। होम लोन के फायदे जानकर आप अपने सपनों का घर आसानी से खरीद सकते हैं इसके साथ-साथ आपको सब्सिडी और कम ईएमआई जैसे ऑफर्स भी मिलते है।

होम लोन:- 

आपको बात दें कि लोन की ईएमआई के दो भाग होते हैं- मूलधन (प्रिंसिपल) और ब्याज (इंटरेस्ट)। आप लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट और ब्याज के भुगतान पर टैक्स डिडक्शन की मांग कर सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के धारा 80 सी के तहत प्रिंसिपल रिपेमेंट पर और धारा 24 बी के तहत ब्याज रिपेमेंट राशि पर टैक्स कटौती क्लेम भी कर सकते हैं। यदि आपने होम लोन घर खरीदने के उदेश्य से लिया है तो ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा घर के पजेशन मिलने पर निर्भर करती है। अगर लोन सेल्फ-ऑक्यूपाइड हाउस के लिए लिया है तो इसके लिए दो लाख रुपए तक की लिमिट तय है। घर किराए पर देने की स्थिति में ब्याज पर टैक्स कटौती क्लेम के लिए कोई लिमिट नहीं है। एक बात का ध्यान रखें कि टैक्स बेनेफिट प्रॉपर्टी के पूरे होने पर ही क्लेम किया जा सकता है। निर्माणाधीन प्रॉपर्टी या अंडर डेवेलप्मेंट प्रॉपर्टी खरीदने पर तब तक डिडक्शन की मांग नहीं की जा सकती जब तक की प्रॉपर्टी पूर्ण रूप से निर्मित नहीं होती और आपको उसका पजेशन नहीं मिलता।


किन किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:-


होम लोन की किसी भी ईएमआई देने से चूकने पर भुगतान किए गए ब्याज पर टैक्स बेनेफिट्स क्लेम किया जा सकता है। किसी भी वित्तीय वर्ष में यदि आप कुछ ईएमआई भरने से चूक जाते हैं तो पूरे साल के लिए उस ईएमआई पर भुगतान किए गए ब्याज पर टैक्स में छूट पा सकते हैं।

1. आपको बता दें कि अधिकांश टैक्सपेयर्स को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि लोन से संबंधित चार्जेस भी टैक्स छूट के दायरे में आते हैं। कानून के तहत इन चार्जेस को ब्याज की तरह माना जाता है, जिस वजह से इस पर छूट का दावा किया जा सकता है।

2. यदि 5 वर्ष से पहले घर बेच दिया जाता हैं तो मूलधन पर टैक्स बेनेफिट्स की पॉलिसी उलट जाती है। होम लोन लेकर घर खरीदना, निर्माण करना या फिर 5 वर्ष से पूर्व घर बेच देते हैं तो सभी बेनेफिट्स खत्म हो जाते हैं।

3. अगर घर निर्माण करने या फिर खरीदने के लिए बैंक के अलावा अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से लोन लिया है तो लोन पर ब्याज अदायगी के समय धारा 24 के तहत टैक्स छूट की मांग की जा सकती है।

4. प्रॉपर्टी का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर होम लोन बेनेफिट्स पर क्लेम किया जा सकता है। अगर निर्माण के वक्त या पजेशन पाने से पहले ईएमआई भरी हैं तो प्रिंसिपल रिपेमेंट पर क्लेम नहीं कर सकते, लेकिन इस दौरान भुगतान किए गए ब्याज पर क्लेम कर सकते हैं और यह आगे एडजस्ट हो सकता है।

5. अगर आप को-बॉरोअर हैं तो आप टैक्स में छूट हासिल नहीं कर सकते। यदि घर आपके माता-पिता ने खरीदा है और होम लोन की ईएमआई आप भरते हैं तो भी आप टैक्स में छूट के हकदार नहीं हैं। अगर आप अपनी पत्नी के साथ घर खरीदते हैं, मगर आपका नाम लोन बुक में को-बॉरोअर के तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है, तो आप टैक्स में छूट क्लेम नहीं कर सकते हैं।


आपको अच्छा फाइनेंसर चुनना चाहिए:-



यदि आप घर या किसी भी प्रकार की कोई प्रॉपर्टी लेने की सोच रहे हैं तो आपको सबसे पहले एक अच्छा फाइनेंसर का चुनाव करना चाहिए। जो आपके होम लोन की कम ब्याज दर और कम ईएमआई पर डील करा सके। आपको उसके साथ लगातार अपना कांटेक्ट रखना होगा और उस कंपनी की कस्टमर पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करनी होगी। टर्म और कंडीशन की जानकारी के लिए आप अपने बैंक के फाइनेंसर और जो लोग लोन ले चुके हैं उनसे संपर्क करके एकत्रित कर सकते हैं। कंपनी का पुराना रिकॉर्ड भी चेक करना चाहिए कि उसने ब्याज दरों में कमी का कितना फायदा अपने ग्राहकों को दिया है और कही वह कंपनी ब्याज दरें सबसे पहले बढ़ाने वालों में से तो नहीं है।

ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करना चाहिए:-


आप जब भी होम लोन लेने की सोच रहें हैं तो आपके पास डाउन पेमेंट करने के लिए कुछ रकम होनी चाहिए। आप जितना ज्यादा डाउन पेमेंट करेंगे आपको उतने ही कम होम लोन की जरुरत होगी। कम रकम का होम लोन लेने के बहुत फायदे है जैसे कि कम लोन लेने से आपको ईएमआई भी कम देनी पड़ेगी जिससे आपके लोन की किस्त भी जल्दी ख़त्म हो जाएगी और पैसों की भी बचत होगी।


अच्छी स्कीम का चुनाव करें:-


फ्लोटिंग ब्याज दर के मुकाबले में फिक्सड ब्याज दर का लोन ज्यादा मेहगा पड़ता है। लेकिन फ्लोटिंग ब्याज दर के मामले में ब्याज दरों का पूर्वानुमान नहीं लगा सकते। इसके लिए हाइब्रिड लोन दोनों के बीच एक कड़ी का काम करती है। इसमें लोन की कुछ रकम फिक्स्ड और कुछ फ्लोटिंग रेट से दी जाती है।

 
होम लोन की पेमेंट ड्यूरेशन (समय) बढ़ने का फायदा:-


यदि आपकी उम्र कम है और आप अच्छी जॉब कर रहें हैं तो आपको लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। आपको प्री-पेमेंट और ज्यादा ईएमआई देने की जरुरत नहीं होती है। बैंक आपके व्यवहार और लेन-देन को ध्यान में रखते हुए लोन चुकाने की अवधि बढ़ा देते हैं इससे आप पर होम लोन चुकाने का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।

 होम लोन का प्री-पेमेंट करना अच्छा विकल्प:-


कभी-कभी आपका पैसा कुछ कारणों से कहीं अटक जाता है या कुछ दिनों बाद मिलने वाला होता है जिसका आप घर खरीदने तक इन्तजार नहीं कर सकते। यदि आपको लोन लेने के दो-तीन माह बाद कोई बड़ी रकम मिलने वाली है तो आप बेझिझक लोन ले सकते हैं। लेकिन इस पैसों को आप अपने लोन के ईएमआई के रूप में चुकाने के बदले प्री-पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प होगा। कई लोग ज्यादा ईएमआई देने को तैयार हो जाते हैं जिससे उन्हें ब्याज पर इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिले। इस प्रकार का कोई भी फैसला लेने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि इंटरेस्ट पर टैक्स में छूट लेने में ज्यादा बचत होगी या प्री-पेमेंट करने में।

 रि-फाइनैंस के बारे में भी सोचें:-



अगर आपके पास होम लोन फाइनेंस से अच्छा कोई और विकल्प है जो आप पर ब्याज और लोन का कम बोझ डालता है तो आप रिफाइनेंस के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं यह भी अच्छा विकल्प हो सकता है। परन्तु इस प्रक्रिया के लिए आपको फीस के रूप में कुछ पैसे चुकाने पड़ेंगे। आपको अपने मौजूदा फाइनैंसर से क्लोजिंग कोटेशन लेकर दूसरे फाइनैंसर को देनी होगी। क्लोजिंग कोटेशन का मतलब है कि आपका कितना प्रिसिंपल बाकी है और अकाउंट बंद करने के लिए आपको कितनी रकम चुकानी है। आपका रिफाइनैंसर इस रकम का चेक पहले फाइनैंसर को देकर आपका लोन अकाउंट टेकओवर कर लेगा। आपको पहले फाइनैंसर को प्री-पेमेंट पेनाल्टी और दूसरे फाइनैंसर को कुछ प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।




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